गोंडा। जिले में एक बार फिर सरकारी अनाज के घोटाले का काम शुरू हो गया है। पहले ट्रक के ट्रक गायब होते रहे लेकिन अब हर ट्रक से चार बोरा अनाज ब्लाक गोदाम पहुंचने से पहले ही उतार कर बेच दिया जा रहा है।
माना जा रहा है कि मौजूदा समय कोरोना के कारण दो बार अनाज की उठान होती है। ट्रांसपोर्टर व माफिया मिलकर हर माह करीब 800 बोरा अनाज की कालाबाजारी कर रहे हैं। मंगलवार को झंझरी ब्लाक के दर्जीकुआं के पास संगम ट्रांसपोर्ट की दो ट्रकों से आठ बोरा अनाज की चोरी कर बीच में ही बेच दिया गया।
जिले में अनाज घोटाले की जांच सीबीआई पहले से कर रही है। दो साल पहले जिले के वजीरगंज ब्लाक में एक निजी गोदाम में डंप नौ हजार क्विंटल सरकारी अनाज पकड़ा गया था। इसमें डीएसओ सहित डीएम को शासन ने सस्पेंड कर दिया था। लेकिन अनाज घोटाले पर असर नहीं पड़ा।
हां इतना जरूर हुआ कि अब पूरा ट्रक हजम करने के बजाए माफियाओं ने ट्रांसपोर्टरों से अनाज चुराकर बेचने का नया तरीका निकाला है। जिले में छह ट्रांसपोर्टरों को अनाज ढुलाई का ठेका मिला है।
इसके लिए 100 से अधिक ट्रकों से एफसीआई गोदाम से आवश्यक वस्तु निगम के ब्लाक गोदाम तक पहुंचाने का काम किया जाता है। इस कार्य के लिए संगम ट्रांसपोर्ट, बजरंग ट्रांसपोर्ट, लालजी ट्रांसपोर्ट, एबीसी ट्रांसपोर्ट, एससीए नंद ट्रांसपोर्ट तथा बेलादेवी ट्रांसपोर्ट से अनाज की ढुलाई की जाती है।
मंगलवार को एफसीआई गोदाम से संगम ट्रांसपोर्ट के दो ट्रक अनाज लादकर मनकापुर की ओर रवाना हुए। इन दोनों ट्रकों से दर्जीकुआं मनकापुर रोड पर एक भट्ठे के पास चार-चार बोरा अनाज उतार कर बेच दिया गया।
बता दें संगम ट्रांसपोर्ट के 25 ट्रक ढुलाई में लगे हैं और पांच ब्लाकों का ठेका उनके पास है। इनमें बभनजोत, छपिया, मनकापुर व करनैलगंज तथा एक अन्य ब्लाक का अनाज सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी है।
कालीसूची में डाले गए एक ट्रांसपोर्टर ने बताया कि ट्रक चालक बीच में अनाज बेच देते हैं। एफसीआई से अनाज उठान के दौरान पूरे ट्रक पर लदे अनाज को तौला जाता है। बीच में बेचने के बाद ब्लाक गोदाम से पहले अनाज की तौल पुन: की जाती है। ब्लाक पर तौल कराते समय ट्रक चालक व माफिया गैलन में पानी भर कर ट्रक में रख देते हैं। तौल के समय वजन फिर कंपलीट हो जाता है।
जिले के अंत्योदय व पात्र गृहस्थी की संख्या करीब 25 लाख है। 25 लाख यूनिट के लिए हर माह एक लाख 42 हजार 670 क्विंटल चावल व गेहूं की उठान की जाती है। कोरोना काल में यह अनाज दोगुना कर दिया गया है।
दीवाली तक करीब 3 लाख क्विंटल अनाज हर माह एफसीआई गोदाम से उठाया जाता है। माह के तीन से दस तारीख तक तथा माह के अंत में 20 से 30 तारीख के मध्य उठान होता है। इसमें अंत्योदय के तहत 9753 क्विंटल चावल, 13005 क्विंटल गेहूं तथा पात्र गृहस्थी के लिए 48765 क्विंटल चावल तथा 73147 क्विंटल गेहूं की उठान होती है। कोरोना काल में यह दो बार उठाया जाता है।