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घाघरा में समाया 80 मीटर बांध

Sat, 23 Jul 2016 10:57 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
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बांध की मरम्मत में जुटे मजदूर - फोटो : अमर उजाला
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घाघरा नदी का जलस्तर जैसे-जैसे कम हो रहा है, वैसे-वैसे नदी से होने वाली कटान तेज हो गई है। शनिवार को जहां पुराने बांध का 80 मीटर हिस्सा घाघरा नदी की लहरों में समा गया। वहीं नए बांध की मजबूती के लिए बनाए गए नोज का 5 मीटर हिस्सा भी नदी के आगोश में समा गया। जबकि नोज के इर्द-गिर्द रखी बालू भरी बोरियां भी घाघरा की जलधारा में विलीन हो गईं।
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सिंचाई विभाग की टीम बंधे की मजबूती के काम में लगी हुई है। लेकिन अधिकारियों को चिंता इस बात की है कि अगर नदी में किसी प्रकार का कोई मशीना उठता है तो इससे बंधे को बचाना उनके लिए बेहद मुश्किल हो जाएगा। वहीं जिले की दो तहसीलों में बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या भी तीन से बढ़कर 4 हजार तक पहुंच गई है। 

शनिवार को एल्गिन-चरसड़ी बांध पर रायपुर गांव के नजदीक घाघरा का कहर जारी रहा। घटती घाघरा का कहर देख अधिकारी भी दंग हैं। एक तरफ  जहां बचाव कार्य चल रहा है तो वहीं दूसरी ओर कट्स व स्परों पर पड़ने वाली बालू की बोरियों को नदी अपनी धारा में बहा ले जा रही है।
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दोपहर बाद ग्राम रायपुर के सामने कटवन पर नदी ने कटान करते हुए करीब 5 मीटर कटस नोज को काट लिया तथा ग्राम परसावल में स्थित कट टू पुराने बांध को भी नदी ने करीब 80 मीटर काटकर अपने में समाहित कर लिया है। नदी का पानी अभी भी खतरे के निशान से 37 सेमी ऊपर बह रहा है। 

वहीं नवाबगंज इलाके में सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जरूर है पर नदी का घटना जारी है। गंगूपुरवा गांव में नदी के घटने पर इलाकाई लोग राहत महसूस कर रहे हैं। वहीं अब तक तहसील तरबगंज में बाढ़ के पानी से बेघर होने वालों की संख्या बढ़कर तीन हजार से चार हजार के करीब पहुंच गई है। प्रशासन की ओर से बाढ़ पीड़ितों के लिए इलाके में लगाई गई नावों की संख्या बढ़ा दी गई है। जबकि दोनों एसडीएम को हर स्थिति पर नजर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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