गोंडा। बेसिक शिक्षा के स्कूलों में दूसरों के अभिलेख पर नौकरी करने वाले 61 शिक्षकों की सेवा समाप्त की जा चुकी है। फर्जीवाड़ा करके सहायक अध्यापक की नौकरी हथियाने वाले इन शिक्षकों को लिए गए वेतन राजकोष में जमा करने की मोहलत दी गई थी। 56 बर्खास्त शिक्षकों का वेतन जमा करने का मौका खत्म हो गया है और उन्होंने अभी तक राजकोष में धनराशि जमा ही नही की है। बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने इन सभी शिक्षकों से 8 करोड़ 36 लाख रुपये की रिकवरी का आदेश जारी कर दिया है। उन्होंने बताया कि अब राजस्व की तरह इन सभी से वेतन की रिकवरी होगी और उसे राजकोष में जमा कराया जाएगा।
बीते दो सालों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा करके नौकरी लेने वाले शिक्षकों का नाम सामने आ चुका है। इनकी सेवाओं को समाप्त करने के साथ ही विभिन्न थानों में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। कोतवाली नगर पुलिस ने फर्जीवाड़ा करके नौकरी हथियाने वाले एक शिक्षक को गिरफ्तार करके जेल भी भेज दिया है। इसके साथ ही अब वेतन के रिकवरी की कार्रवाई शुरू हो गई है। 56 शिक्षकों ने फर्जीवाड़ा करके नौकरी हथियाई और 8 करोड़ 36 लाख रुपये वेतन भी ले लिए। अब इन सभी शिक्षकों से वेतन की रिकवरी राजस्व की तरह कराने के लिए आदेश जारी हुआ है। बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने कहा कि फर्जीवाड़ा करके नौकरी हासिल करने वाले सभी शिक्षकों से वेतन की रिकवरी कराया जा रहा है। लेखा विभाग की ओर से दी गई जानकारी पर वेतन की रिकवरी का आदेश दिया गया है।
एफआईआर के बाद अब रिकवरी में फंसे बर्खास्त शिक्षक
दूसरों के अभिलेख पर कई सालों तक शिक्षकों की नाकरी चलती रही। वर्ष 1998 में बेसिक शिक्षा में एक सहायक अध्यापक दूसरे के अभिलेेख पर नौकरी हथियाई और प्रोन्नति का लाभ लेकर प्रधानाध्यापक तक बन गया। इसमें दिनेश कुुमार शर्मा, नर्वदा चंद्र, कृष्ण चंद्र, सहायक अध्यापक सुरेंद्र प्रसाद शामिल रहे और 20 सालों तक विभाग में नौकरी की। इसी तरह राम लल्लन वर्ष 2010 से तो पूजा कुमारी वर्ष 2016 से लंबे समय से नौकरी में रहीं। बीएसए ने सेवा से तो बर्खास्त कर दिया लेकिन अभी तक वेतन की रिकवरी नहीं हो पाई है। इसमें शिक्षक दिनेश कुमार शर्मा के साथ ही श्रीराम यादव, राधेश्याम, अर्चना पांडे, राजू कुमार, उमा पटेल, राम विलास, चंद्रवीर सिंह, श्रीधर, चन्द्रकांत, दीपक वर्मा, चंदन यादव, संदीप कुमार वर्मा, सुबोध कुमार, मनोज कुमार, आशीष कुमार, सुक्रांत यादव, राघवेंद्र वर्मा, देवेश चंद्र वर्मा, शिव कुमार शर्मा, वैभव यादव, जितेंद्र साहू, रमेश कुमार यादव, अरविंद कुमार पाठक, राम लल्लन, चित्रवीर सिंह, वेदप्रकाश समेत 56 शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई हुई है।
करनैलगंज में बीएसए का निरीक्षण, कई स्कूल मिले बंद
करनैलगंज गोंडा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने कई स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में कई स्कूल बंद मिले। यहां तक की बरगदी कोट प्राइमरी स्कूल बरगदी कोट में ताला बंद मिला। यहां के शिक्षकों से भी स्पष्टीकरण तलब किया है। बीएसए ने बताया कि स्कूल में शिक्षकों के उपस्थिति की जांच किया गया। शिक्षामित्र तो स्कूलों में मौजूद मिले लेकिन कई सहायक अध्यापक गैर हाजिर मिले हैं। सिर्फ कंपोजिट स्कूल खजुरिया में सहायक अध्यापिका ज्योति मौर्या उपस्थित पाई गईं हैं। उन्होंने शिक्षिकों से स्कूली योजनाओं के बारे में जानकारी किया और सराहना की। इसके अलावा गैर हाजिर मिले शिक्षकों से जवाब तलब कर रहे हैं। बताया कि लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
बीएसए ने बताया कि उनके निरीक्षण में प्राइमरी स्कूल बरगदी कोट, पूर्व माध्यमिक स्कूल रायपुरवा बंद मिला। इन स्कूलों के स्टाफ की सूची मांगी गई है। सभी से स्पष्टीकरण तलब किया जा रहा है। इसके अलावा कंपोजिट स्कूल मुंडेरवा में शिक्षामित्र, नौव्वा गांव में शिक्षामित्र और प्राइमरी स्कूल हरिगवां में शिक्षामित्र ही उपस्थित मिले हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति ठीक नही है। उन्होंने शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है।