करनैलगंज। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों और तराई के जिलों में लगातार हो रही बारिश से सरयू उफनाने लगी है। हालांकि नदी अभी खतरे के निशान से नीचे है। हालांकि बहुवन मदार मांझा और मांझा रायपुर के सामने नदी के कटान से किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि लगातार पानी में समाहित हो रही है। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। बाढ़ खंड विभाग ने संवेदनशील स्थलों पर बचाव कार्य तेज कर दिया है। जिन स्थानों पर नदी और तटबंध के बीच की दूरी कम है, वहां प्लास्टिक मैट, परक्यूपाइन और अन्य सुरक्षा सामग्री लगाकर कटान रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार शनिवार को एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर 104.98 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 106.07 मीटर से 1.09 मीटर नीचे है। शुक्रवार की तुलना में जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं नदी में छोड़े जा रहे पानी की मात्रा भी बढ़ गई है। शनिवार को कुल 73,029 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि एक दिन पहले 66 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसमें गिरिजा बैराज से 47,181 क्यूसेक, शारदा बैराज से 24,400 क्यूसेक तथा सरयू बैराज से 1,448 क्यूसेक पानी शामिल है।
एसडीएम नेहा मिश्रा ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। नदी किनारे बसे गांवों पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव की तैयारियां पूरी हैं। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि कटान प्रभावित स्थलों पर लगातार बचाव कार्य कराया जा रहा है। फिलहाल नदी बांध से सुरक्षित दूरी पर है और तटबंध को कोई खतरा नहीं है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।