राशन घपले में गोदाम प्रभारी समेत तीन पर केस
घोटाले के पुराने आरोपी का फिर उजागर हुआ कारनामा
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। सरकारी अनाज घपला करने में गोदाम प्रभारी धीरेंन्द्र प्रताप सिंह व निजी गोदाम मालिक संजय गोयल के साथ अनाज रखने वाले अनोखे लाल व कुछ अन्य के खिलाफ पुलिस ने अनाज कालाबाजारी करने का मामला दर्ज किया गया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत कार्डधारकों को बंटने वाले अनाज खाद्य रसद विभाग के गोदाम प्रभारी की मिली भगत से राशन माफियाओं की ओर से राशन को सरकारी गोदाम से निजी गोदाम में डम्प कर कालाबाजारी किये जाने का मामला उजागर हुआ है। इसमें राशन घोटाले के पुराने आरोपी का एक बार फिर कारनामा फिर सामने आया है।
मुखबिर की सूचना डीएम जेबी सिंह के निर्देश पर रविवार को एसडीएम सदर व पूत विभाग के अधिकारियों की टीम ने पुलिस फोर्स के साथ शहर के रानी बाजार खाद्य रसद विभाग व एक निजी गोदाम पर छापेमारी की थी। सरकारी गोदाम में रखे जाने वाले अनाज को घपला कर वहीं के एक निजी गोदाम में रखकर कालाबाजारी में बेच दिया जाता था। टीम के पहुंचने पर गोदाम प्रभारी व अन्य लोग मौके से फरार हो गये थे। टीम के अधिकारियों के बुलाने पर भी मौके पर नही आए। डीएम के निर्देश पर एसडीएम सदर वीके सिंह,जिला पूत अधिकारी पूरन सिंह,क्षेत्रीय पूत निरीक्षक अशोक कुमार व अन्य अधिकारियों की टीम ने गोदाम का ताला तोड़कर गोदामों की तलाशी ली। खाद्य रसद विभाग के झंझरी गोदाम में 4204 बोरी गेहूं व 2836 बोरी चावल सरकारी अनाज अनाधिकृत अधिक पाया गया। इस गोदाम में रखे अनाज को विपणन निरीक्षक/डिस्पैच प्रभारी अमृतेष गुप्ता को सुपुर्दगी में दे दिया गया। गोदाम प्रभारी धीरेंद्र सिंह के डिस्पैच व गोदाम को की गई विभाग की ओर से आपूत में फर्क पाया गया। जबकि रानी बाजार निवासी संजय गोयल के गोदाम में सरकारी अनाज आपूत का टैग लगा 257 बोरी चावल,दो बोुी गेहूं व कुछ और खुला अनाज मिला। टीम ने इस अनाज को क्षेत्र के उचित दर विक्रेता कमलेश नेवटिया की सुपुर्दगी में दे दिया।
बताया जाता है कि रानी बाजार निवासी अनोखे लाल व कुछ अन्य खाद्यान्न माफियाओं की ओर से सरकारी अनाज को निजी गोदाम में इकट्ठा कर उसे कालाबाजारी में बेचने का धंधा चलाया जा रहा था। अनोखे लाल राशन घोटाले का पुराना आरोपी है जिसकी जांच सीबीआई कर रही है। यही नही अनोखे लाल के सीबीआई जांच में सहयोग न करने व साक्ष्यों को मिटाने के खेल पर सीबीआई टीम ने उसके घर पर वर्ष 2006-07 में छापेमारी की थी।