गोंडा। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के सभागार में शनिवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से सामाजिक अधिकारिता शिविर लगा। शिविर में 709 दिव्यांगजनों को जरूरत के हिसाब से 1030 सहायक उपकरण वितरित किए गए। आधुनिक उपकरण मिलने से लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी नजर आई। इन उपकरणों की कीमत करीब 1.44 करोड़ रुपये है।
केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री एवं सांसद कीर्तिवर्धन सिंह ने शिविर में पहुंचे लाभार्थियों को सहायक उपकरण वितरित किए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि इस बार जो पात्र लाभार्थी किसी कारणवश छूट गए हैं, उनका दोबारा सर्वे कर अगली वितरण सूची में प्राथमिकता के साथ शामिल किया जाए। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने कहा कि जिले का कोई भी पात्र दिव्यांग सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि छूटे हुए पात्र दिव्यांगजनों का पुनः सर्वे कराकर सूची तैयार की जाएगी, ताकि आगामी शिविरों में उन्हें भी आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा सकें।
शिविर के समापन पर केंद्रीय राज्यमंत्री ने मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त करने वाले लाभार्थियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में मनकापुर विधायक रमापति शास्त्री, गौरा विधायक प्रभात कुमार वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद, भाजपा जिलाध्यक्ष अकबाल बहादुर तिवारी, मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. बीना सिंह, अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी माधवी पांडेय सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
परीक्षण शिविर के आधार पर हुआ चयन
लाभार्थियों का चयन जनवरी 2025 और मई 2026 में आयोजित परीक्षण शिविरों के आधार पर किया गया था। शिविर में 233 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, 335 ट्राईसाइकिल, 72 फोल्डिंग व्हीलचेयर, 326 बैसाखियां, 55 फोल्डेबल वॉकर, 46 श्रवण यंत्र, 29 सुगम्य केन, 10 सीपी चेयर, 50 कुशन, आठ रोलेटर, एक स्मार्टफोन सहित अन्य सहायक उपकरण वितरित किए गए।
अब सफर और रोजमर्रा का जीवन होगा आसान
मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल और अन्य उपकरण मिलने के बाद लाभार्थियों ने खुशी जताई। राम कुमार ने कहा कि अब आने-जाने में किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और दैनिक कार्य आसानी से कर सकेंगे। अन्य लाभार्थियों ने भी कहा कि आधुनिक सहायक उपकरण मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे पहले की अपेक्षा अधिक स्वतंत्र होकर जीवन जी सकेंगे।