गोंडा। जिले में विद्यालयों के संसाधानों, अध्यापकों का विस्तृत ब्यौरा व स्टूडेंट का ब्योरा ऑनलाइन करने में कई जिम्मेदार लापरवाही बरत रहे हैं। बीएसए ने 10 ब्लॉकों के 65 प्रधानाध्यापकों को चिह्नित कर वेतन भुगतान अगले आदेश तक रोक दिया है।
राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से फर्जीवाड़ा रोकने के लिए दो सितंबर से 31 अक्तूबर के बीच सभी विद्यालयों के टीचर व स्टूडेंट का ब्योरा अपलोड की समय सीमा निर्धारित की गई। सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक के 4695 विद्यालयों को शामिल करते हुए बीएसए को नोडल बनाया था।
जिला समन्वयक जगदीश गुप्ता ने बताया कि फर्जीवाड़ा रोकने के लिए विद्यालय से जुड़े संसाधनों व जरूरतों का पता लगाने के लिए ब्योरा ऑनलाइन किया जा रहा है। नौ ब्लॉकों के कुल 65 प्रधानाध्यापकों की लापरवाही सामने आई है। बीएसए स्तर से इनका वेतन भुगतान रोक दिया गया है।
फर्जीवाड़े की खुल सकती है पोल, छिपा रहे डाटा
अधिकारियों का कहना है कि डाटा अपलोड होने से फर्जीवाड़े की पोल खुल सकती है। ऐसे में बार बार-बार कार्रवाई की हिदायत के बावजूद प्रधानाध्यापकों ने ब्योरा अपलोड नहीं किया है। 22 अक्तूबर और एक नवंबर को संबंधित प्रधानाध्यापकों को नोटिस दिया गया था।
होगी कार्रवाई, बीईओ को निर्देश जारी
बीएसए प्रेमचंद यादव ने बताया कि जिले के कुल 4695 विद्यालयों में से 4149 का ब्योरा अपलोड किया गया है। 4011 विद्यालयों के टीचरों का ब्याेरा अपलोड है। वहीं परिषदीय विद्यालयों के लापरवाही बरतने वाले 65 शिक्षकों की अगले आदेश तक वेतन पर रोक लगाई गई है। इसके बाद कठोर कार्रवाई की जाएगी। बीईओ को निर्देश दिए गए हैं।