बजाज चीनी मिल इटईमैदा 64 करोड़ रुपये किसानों का गन्ना मूल्य का भुगतान दबाए बैठी है। बजाज चीनी मिल ने 15 दिसंबर से बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया है। इस मिल से जुड़े 30 हजार किसान बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न होने से परेशान हैं। डीएम ने चीनी व शीरा बेचकर तत्काल किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान करने का आदेश दिया। बकाया गन्ना मूल्य का तत्काल भुगतान न करने पर मिल प्रबंधन के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
डीएम प्रीति शुक्ला ने शुक्रवार को कैंप कार्यालय पर बजाज चीनी मिल इटईमैदा, बलरामपुर चीनी मिल व शुगर कंपनी तुलसीपुर के प्रबंधकों की आपात बैठक बुलाकर बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा की।
इस दौरान जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने डीएम को बताया कि बजाज चीनी मिल इटईमैदा ने बीते 15 दिसंबर से 64.04 करोड़ रुपये के खरीदे गए गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया है।
नियमानुसार बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न होने से मिल से जुड़े किसानों में आक्रोश व्याप्त है। किसानों में गन्ना मूल्य का भुगतान न होने के प्रति बढ़ रहा आक्रोश कभी भी कानून व्यवस्था को बिगाड़ सकता है।
डीएम ने बजाज चीनी मिल के यूनिट हेड साकेत बंसल व जीएम केन पीएस चतुर्वेदी को चीनी व शीरा बेचकर तत्काल किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करने का निर्देश दिया। साथ ही बजाज चीनी मिल के यूनिट हेड को दूसरा नोटिस जारी कर शीघ्र भुगतान न होने पर दंडात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी।
टैगिंग आदेश का उल्लंघन करने पर डीएम ने बजाज चीनी मिल के यूनिट हेड के खिलाफ कड़ी नाराजगी जताई। बैठक में मौजूद बलरामपर चीनी मिल के जीएम केन राजीव गुप्ता व तुलसीपुर चीनी मिल के जीएम केन जगवीर सिंह मलिक ने बताया कि पांच फरवरी तक खरीदे गए गन्ना मूल्य का भुगतान किसानों को कर दिया गया है। 20 फरवरी को 15 फरवरी तक खरीदे गए गन्ना मूल्य का भी भुगतान कर दिया जाएगा।