बंधे पर दर्द से तड़पती रही प्रसूता, नहीं पहुंची एंबुलेंस
महिला को कंधे पर लादकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे परिवारीजन
अमर उजाला ब्यूरो
करनैलगंज गोंडा। बाढ़ पीड़ितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का दावा करने वाले प्रशासनिक अफसरों की कलई बुधवार की रात खुल गई। चचरी चौराहे से प्रतापपुर मार्ग पर लोनियनपुरवा गांव की रहने वाली एम महिला प्रसव पीड़ा से तड़पती रही और संवेदनहीन व्यवस्था खर्राटे मारकर सोती रही। एंबुलेंस के लिए परिवारीजन घंटों तक भटकते रहे लेकिन लाख हाथ पांव मारने के बाद भी उन्हें एंबुलेंस नहीं मिली। आखिरकार निराश परिवारीजन प्रसूता को कंधे पर लादकर अस्पताल पहुंचे तो अस्पताल में मौजूद एएनएम ने देर रात महिला का सकुशल प्रसव कराया।
लोनियनपुरवा गांव के रहने वाले अनिल कुमार के मुताबिक बुधवार की रात करीब 11 बजे उनकी गर्भवती पत्नी रेखा देवी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। आनन-फानन में पड़ोसी गांव से नाव मंगाई गई और परिजन रेखा को लेकर चचरी प्रतापपुर मार्ग पर पहुंचे। यहां से 108 व 102 एंबुलेंस सेवा को कॉल किया गया लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा। करीब घंटे भर तक परिवारीजन फोन लगाते रहे लेकिन इस सेवा के जिम्मेदारों ने फोन नहीं उठाया। इस दौरान प्रसूता दर्द से तड़पती सड़क पर लेटी रही। आखिरकार परिवारीजनों ने उसे कंधे पर लादा और करीब दो किमी दूर तक पैदल चलकर अस्पताल पहुंचाया। देर रात रेखा ने स्वास्थ्य केंद्र पर मौजूद एएनएम ने उसका प्रसव कराया।