मोतीगंज के दो पूर्व थानाध्यक्षों समेत विवेचक पर एफआईआर
पास्को एक्ट के आरोपी को 15 दिन हिरासत में रखने का मामला
मानवाधिकार आयोग में हुई शिकायत के बाद डीआईजी ने कराई थी जांच
जांच में एसपी बहराइच ने दो पूर्व थानाध्यक्षों सहित विवेचक को पाया दोषी
अमर उजाला ब्यूरो
मोतीगंज (गोंडा)। पास्को एक्ट के आरोपी को 15 दिन हिरासत में रखने को लेकर मोतीगंज थाने में तैनात रहे दो पूर्व थानाध्यक्ष अनिल कुमार सोनकर व दिवाकर सिंह के साथ ही विवेचक विनोद गुप्ता एसपी बहराइच की जांच में दोषी पाए गए हैं। तीनों लोगों के खिलाफ मानवाधिकार में हुई शिकायत और डीआईजी के निर्देश पर कराई गई जांच में आरोप सही पाए जाने पर रविवार को मोतीगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। जिसकी जांच महिला थाने के थानाध्यक्ष फणीन्द्र यादव को सौंपी गई है।
बताते हैं कि लखीमपुर खीरी जिले में रहने वाले नैमुद्दीन पुत्र रफीक के खिलाफ आज से दो साल भर पहले पास्को एक्ट में एक मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसके तहत मुकदमे में विवेचक विनोद कुमार गुप्ता आरोपी को पकड़कर थाने लाए थे। लेकिन बजाए नैमुद्दीन को किसी सक्षम न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने के विवेचक विनोद कुमार गुप्ता व उस समय थाने पर तैनात थानाध्यक्ष अनिल कुमार सोनकर और उनके तबादले के बाद यहां आए थानाध्यक्ष दिवाकर सिंह ने उसे जेल नहीं भेजा और 3 मई से लेकर 15 जुलाई 2015 तक अपनी हिरासत में रखा। जिसकी शिकायत नैमुद्दीन के भाई करामत ने मानवाधिकार आयोग में की। जहां से मानवाधिकार आयोग ने देवीपाटन मंडल के डीआईजी को पूरे मामले की जांच के लिए निर्देशित किाय।
मानवाधिकार से मिले निर्देश पर डीआईजी ने जब पूरे मामले की जांच एसपी बहराइच से कराई तो उसमें पास्को एक्ट के आरोपी नैमुद्दीन को 15 दिन थाने में पुलिस की हिरासत में रखने का पता चला। जिसके बाद एसपी बहराइच ने पूरे मामले की रिपोर्ट डीआईजी को दी। जहां से दोनों तत्कालीन थानाध्यक्षों व मुकदमे के विवेचक को पद का उल्लंघन करने के लिए दोषी पाया गया। इसे लेकर रविवार को मोतीगंज थाने में दो पूर्व थानाध्यक्षों अनिल कुमार सोनकर व दिवाकर सिंह के साथ ही विवेचक विनोद गुप्ता के खिलाफ एसओ मोतीगंज मुकेश सिंह ने एफआईआर दर्ज कराई। एसओ मोतीगंज के मुताबिक मामले की एफआईआर दर्ज करके इसकी जांच महिला थाने में तैनात थानाध्यक्ष फणीन्द्र यादव को सौंपी गई है।