जिला पंचायत सभागार में आयोजित पंच सम्मेलन को संबोधित करतीं डीएम व कार्यक्रम में माैजूद लोग। स
गोंडा। विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबीजी-रामजी अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बृहस्पतिवार को जिला पंचायत सभागार में पंच सम्मेलन हुआ। इसमें त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को अधिनियम के प्रावधानों और जिम्मेदारियों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन और सीडीओ दयानंद प्रसाद ने किया। डीएम ने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और आपसी समन्वय जरूरी है। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर स्थानीय जरूरत के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
सम्मेलन में ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने व अनुमोदन, परिवारों के पंजीकरण, रोजगार गारंटी कार्ड जारी करने, कार्यों की योजना, क्रियान्वयन और निगरानी की जानकारी दी गई। बताया गया कि अधिनियम एक जुलाई 2026 से प्रभावी है। इसके तहत ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिन रोजगार की गारंटी मिलेगी। कृषि कार्यों के चरम मौसम में 60 दिन की अवधि शून्य अवधि रहेगी। अधिनियम में जल संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत ढांचे, आजीविका और जलवायु परिवर्तन से जुड़े 318 प्रकार के कार्य शामिल हैं। ग्राम पंचायतों में श्रम-सामग्री का अनुपात 60:40 रखा गया है। इस दौरान डीसी मनरेगा जनार्दन प्रसाद, डीसी एनआरएलएम जेएन राव, सुरेश अहिरवार, सुधीर सिंह, मनीष श्रीवास्तव, राजकुमार समेत सभी बीडीओ मौजूद रहे।
जिला पंचायत सभागार में आयोजित पंच सम्मेलन को संबोधित करतीं डीएम व कार्यक्रम में माैजूद लोग। स