बिजली विभाग की कार्यशाला के बाहर रखे ट्रांसफार्मर। - संवाद
गोंडा। देवीपाटन मंडल में ट्रांसफार्मर फुंकने की समस्या कम नहीं हो रही है। एक से 15 अगस्त तक मंडल के चारों जिलों में 867 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए। इस तरह रोजाना औसतन 58 ट्रांसफार्मर खराब हुए। इनमें 529 ट्रांसफार्मर ओवरलोडिंग के कारण फुंके। इससे उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ा।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, गोंडा में 381, श्रावस्ती में 209, बहराइच में 187 और बलरामपुर में 90 ट्रांसफार्मर खराब हुए। ओवरलोडिंग के अलावा कम तेल स्तर, लाइन फाॅल्ट और शॉर्ट सर्किट भी ट्रांसफार्मर खराब होने के प्रमुख कारण रहे। कई जगह ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद आपूर्ति बहाल होने में उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार करना पड़ा। मंडल मुख्यालय स्थित वर्कशॉप के बाहर खराब ट्रांसफार्मरों का ढेर लगा है। हालात यह हैं कि उन्हें रखने के लिए भी जगह कम पड़ रही है।
देवीपाटन जोन के मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि खेती-किसानी के काम बढ़ने से ट्रांसफार्मरों पर लोड बढ़ा है। बारिश में नमी के कारण भी कुछ ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं। रखरखाव में लापरवाही मिलने पर संबंधित अवर अभियंताओं की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
गोंडा में 381 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त
गोंडा में विद्युत वितरण खंड द्वितीय में 130, चतुर्थ मनकापुर में 132, तृतीय करनैलगंज में 110 और प्रथम गोंडा में नौ ट्रांसफार्मर खराब हुए। इनमें ओवरलोडिंग और कम तेल स्तर प्रमुख कारण रहे।
श्रावस्ती में 209, बहराइच में 187 मामले
श्रावस्ती में 209 और बहराइच में 187 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए। बहराइच के नानपारा में 104 और कैसरगंज में 74 मामले सामने आए। बलरामपुर में 90 ट्रांसफार्मर खराब हुए। इनमें तुलसीपुर के 72 और बलरामपुर के 18 मामले शामिल हैं।