रोजगार के लिए 34 लाभार्थी कर रहे लोन का इंतजार
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के परवान चढ़ने में बैंकों का अड़ंगा
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। प्रधान मंत्री रोजगार सृजन योजना परवान चढ़ने में बैंकों का अड़ंगा है। जिले में पीएमईजीपी योजना के अभी 34 लाभार्थियों को लोन नही मिल पाया है। शासन की ओर से पीएमईजीपी योजना के तहत जिले को 34 लाभार्थियों का लक्ष्य मिला था। विभाग ने इसका प्रचार प्रसार कर बेरोजगारों से ऑनलाइन आवेदन कराया। आवेदन के बाद मुख्य जिला विकास अधिकारी दिव्या मित्तल की अध्यक्षता वाली कमेटी ने आवेदकों का साक्षात्कार कर लाभार्थियों को ऋण दिलाए जाने के लिए बैंकों को संस्तुती कर दी गई थी। विभागीय सूत्रों की माने तो अभी तक किसी लाभार्थी को बैंक से ऋण नही मिल सका है। सूत्रों का कहना है कि बैंकों की ओर से सभी लाभार्थियों को समय से ऋण न दिये जाने से योजना परवान नही चढ़ पा रही है। जिले में बेरोजगारों की बड़ी खेप है। यह बेरोजगार मनी पावर के अभाव में अपनी प्रतिभा का न तो उपयोग कर पाते हैं न ही खुद स्वावलम्बी बन पा रहे हैं। सरकार की ओर से चलायी जा रही पीएमआईजीपी योजना का हर साल बेरोजगारों के सापेक्ष कम लक्ष्य मिलता है। इस साल मात्र 34 बेरोजगारों का रोजगार के लिए चयन किये जाने का लक्ष्य मिला है। जो काफी कम बताया जा रहा है।
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जिले में पीएमईजीपी योजना की स्थिति
कुल लक्ष्य मिला - 34
कुल आवेदन आये - 200
कुल आवेदकों के लोन की संस्तुति 37
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योजना के लाभ के लिए शर्तें
बेरोजगार होना, जिले का निवासी होना, कक्षा आठ पास होना।
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विभाग को है बढ़े हुए लिखित लक्ष्य का इंतजार
उद्योग विभाग को प्रधानमंत्री की ओर से प्रधान मंत्री रोजगार सृजन योजना का लक्ष्य बढ़ा दिये जाने के लिखित आदेश का इंतजार है। इस बावत उद्योग विभाग के अधिकारी राजेन्द्र कुमार का कहना है कि बढ़ा लक्ष्य मिलते ही । उसकी सूचना जन सामान्य को उपलब्ध कराने के बाद बेरोजगारों से आवेदन मांगे जाएंगे। लोग आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद आवेदकों का साक्षात्कार लेकर लाभाथयों का चयन किया जाएगा।
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कई परेशानियों से जूझते हैं बेरोजगार
बेरोजगारों को कई दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। शेषमणि मिश्रा का कहना है कि शासन की ओर से कम लक्ष्य होने से बेरोजगारों का आवेदन करने में सिर्फ पैसा बेकार होता है। वहीं रमेश कुमार ने बताया कि बेरोजगारों को देखते हुए शासन को लक्ष्य दिया जाए तो कुछ भला हो। राम कुमार का कहना है कि लक्ष्य चाहे जो हो बैंक वाले लोन देने में बहुत दौड़ाते हैं बैंक में कमीशन खोरी होने से योजना का वास्तविक लाभ बेरोजगारों को नही मिल पा रहा। वर्जन
इस सत्र में पीएमईजीपी योजना के तहत जिले को कुल 34 लाभाथयों का चयन का लक्ष्य मिला था। सभी का चयन प्रक्रिया पूरी कर उनको लोन दिये जाने के लिए बैंकों को संस्तुती भेजी जा चुकी है। लोन देना बैंक का काम है वित्तीय सहायता की फंडिंग बैंक करते हैं। कितने लोगों को वित्तीय सहायता मिली इसकी अभी बैंकों से रिपोर्ट नही मिली है। ’
- राजेन्द्र कुमार, अपर सांख्यकी अधिकारी जिला उद्योग केंद्र