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51 अपात्रों को बांट दिए आवास

Thu, 15 Oct 2015 09:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/गोंडा
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इटियाथोक ब्लॉक की ग्राम पंचायत गूंगीदेई में इंदिरा आवास आवंटन में तत्कालीन ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव की लापरवाही सामने आई है। जिलाधिकारी के आदेश पर मामले की जांच कर रहे सहायक निदेशक रेशम ने 51 अपात्रों को इंदिरा आवास आवंटित किये जाने की रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी है।
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जांच रिपोर्ट में सहायक निदेशक ने तत्कालीन ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव को दोषी ठहराते हुए कार्रवाई की संस्तुति की है। इटियाथोक की ग्राम पंचायत गूंगीदेई निवासी अनिल कुमार सिंह ने गांव में अपात्र लोगों को इंदिरा आवास आवंटित किये जाने की शिकायत शासन में की थी।

अनिल की शिकायत पर मेहनौन की सपा विधायक नंदिता शुक्ला ने ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर वित्तीय वर्ष 2000-2012 तक आवंटित किये गये आवासों की जांच की बात कही थी। जिस पर प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारी को प्रकरण की जांच के निर्देश दिये थे।
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जिलाधिकारी ने इस मामले की जांच सहायक निदेशक रेशम को सौंपी थी। जिलाधिकारी के आदेश पर सहायक निदेशक रेशम सत्येंद्र सिंह ने गूंगीदेई में पिछले 12 वर्षों में आवंटित कुल 119 लोगों के इंदिरा आवासों के आवंटन का स्थलीय सत्यापन किया।

सहायक निदेशक के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2000-2012 तक आवंटित आवासों में मानक का ध्यान नहीं रखा गया। यहां के तत्कालीन ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव ने मनमाने ढंग से अपात्रों को इंदिरा आवास का आवंटन कर दिया। इन आवंटन में पात्रता के मानक के लिए बनायी गई बीपीएल सूची को भी दरकिनार कर दिया गया।

रिपोर्ट के अनुसार चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए 51 ऐसे लोगों को आवास दिया गया, जिनका नाम ही बीपीएल की पात्रता सूची में नहीं है। इन अपात्रों को आवास देने के लिए दूसरे पात्र व्यक्ति के बीपीएल नंबर का उपयोग किया गया। पड़ोसी गांव पूरेहांडा की रहने वाली विमला व विनीता को भी गांव का निवासी बताकर आवास आवंटित कर दिया गया।

आवास की धनराशि मिलने के बाद भी 10 लोगों ने आवास का निर्माण नहीं कराया। आवास निर्माण न कराने वाले लाभार्थियों ने जांच अधिकारी को बताया कि उनके नाम पर आवास स्वीकृत होने की उन्हें जानकारी ही नहीं है। इन लाभार्थियों का कहना है कि उनके खाते में आयी धनराशि को गन्ने का भुगतान बताकर ग्राम प्रधान ने निकलवा लिया और पंचायत सचिव से मिलीभगत कर हड़प लिया।
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