खरगूपुर। कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी को शांति मनोरम झालीधाम आश्रम में होने वाली वार्षिक परिक्रमा की तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। बृहस्पतिवार को यहां करीब 50 हजार श्रद्धालु पांच किलोमीटर लंबी परिक्रमा करेंगे। आयोजन को लेकर प्रशासन और आश्रम प्रबंधन ने सभी इंतजाम पूरे कर लिए हैं।
कस्बे से करीब तीन किलोमीटर पश्चिम स्थित यह आश्रम बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती सहित आसपास के जिलों में आस्था का प्रमुख केंद्र है। हर वर्ष अक्षय नवमी पर यहां विशाल मेला और परिक्रमा कार्यक्रम आयोजित होता है। महंत स्वामी नरसिंह दास महाराज ने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्षों से अधिक रहने की संभावना है।
मान्यता है कि महाभारत काल में अज्ञातवास के दौरान पांडव अपनी माता कुंती के साथ इसी क्षेत्र में रुके थे। बहराइच जिले के मुंडेरवा सरहदी निवासी स्वामी राम मिलन दास महाराज ने यहां वर्षों तक तपस्या की और 21 वर्ष तक जीवित समाधि में रहकर ईश्वर साधना की। उनके निधन के बाद आश्रम में उनकी समाधि का निर्माण किया गया, जहां प्रतिदिन पूजा-अर्चना होती है। यहां भगवान श्रीराम, माता सीता, स्वामी राम मिलन दास, भोलेनाथ और शबरी की मूर्तियां स्थापित हैं, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र हैं। आश्रम में एक ऐसी कामधेनु गाय भी है जो बिना प्रजनन के अपने संपूर्ण जीवन प्रतिदिन दूध देती है। उसी दूध से भगवान का भोग लगता है।
परिक्रमा कार्यक्रम के मुख्य सेवादार भाजपा के जिला महामंत्री आशीष त्रिपाठी ने बताया कि परिक्रमा मार्ग की सफाई, प्रकाश व्यवस्था और पेयजल की सुविधा पूरी कर ली गई है। थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने बताया कि सुरक्षा के लिए मुख्य द्वार, मंदिर परिसर और परिक्रमा स्थल पर महिला-पुरुष आरक्षियों के साथ पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।