गोंडा। जिले में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए चलाए गए निपुण आकलन अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। परख एप और डीएलएड प्रशिक्षुओं की मदद से किए गए इस व्यापक मूल्यांकन में जिले के 2138 विद्यालयों ने हिस्सा लिया। इनमें से 437 विद्यालयों को ‘निपुण विद्यालय’ घोषित किया गया है।
शासन की ओर से जारी सूची के अनुसार चयनित विद्यालयों ने बच्चों की बुनियादी शिक्षा, पढ़ने, लिखने व गणना करने की क्षमता में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इन विद्यालयों की पहचान अब विशेष रूप से की जाएगी। उनकी दीवारों पर ‘निपुण विद्यालय’ का लोगो पेंट कराया जाएगा, जिससे वे अन्य स्कूलों के लिए प्रेरणा बन सकें। इन उत्कृष्ट विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को विभाग की ओर से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। साथ ही, प्रत्येक चयनित विद्यालय के शिक्षकों को 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी।
बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि निपुण आकलन के माध्यम से बच्चों की बुनियादी शिक्षा पर खास ध्यान दिया गया। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्राथमिक स्तर पर ही बच्चों की पढ़ाई मजबूत हो सके। इस तरह के मूल्यांकन और प्रोत्साहन से जिले में शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार होगा।