गोंडा। जनपद के 42 हजार किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त नहीं भेजी गई है। इनमें से 12,784 किसानों को स्पाउस वेरीफिकेशन और अन्य कारणों से अपात्र ठहराया गया है, जबकि 29,216 किसानों की किस्त लैंड सीडिंग, ई-केवाईसी या एनपीसीआई न कराने के चलते रोक दी गई है।
उप निदेशक कृषि प्रेम कुमार ठाकुर ने बताया कि जिले में इस योजना के तहत 5.38 लाख लाभार्थी पंजीकृत हैं। योजना के अनुसार किसानों को सालाना छह हजार रुपये तीन समान किस्तों में दिए जाते हैं। संयुक्त परिवार में केवल एक सदस्य को ही योजना का लाभ मिलना है, लेकिन कई किसानों ने परिवार के अन्य सदस्यों के नाम भी पोर्टल पर पंजीकृत करा लिए थे। 19वीं किस्त भेजने के बाद 12,784 ऐसे किसान चिह्नित हुए, जिन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि मृत किसानों के स्थान पर वरासत के आधार पर नए पात्र लाभार्थियों को शामिल किया जा रहा है। वहीं, लैंड सीडिंग, ई-केवाईसी और एनपीसीआई न कराने के कारण 29,216 किसान 20वीं किस्त से वंचित हो गए। प्रेम कुमार ने कहा कि अगली किस्त पाने के लिए सभी किसानों को फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य है।
ये नहीं हैं योजना के लिए पात्र
पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ संस्थागत भूमिधारकों और उच्च आर्थिक स्थिति वाले किसानों को नहीं मिलेगा। भूतपूर्व या वर्तमान संवैधानिक पदों पर आसीन लोग, आयकरदाता कृषक, चिकित्सक, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड एकाउंटेंट और आर्किटेक्ट पात्र नहीं हैं। इसी तरह केंद्र व राज्य सरकार के कर्मचारी तथा दस हजार रुपये से अधिक पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी भी इस योजना से बाहर रखे गए हैं।
अपात्रों से हो सकती है वसूली
पीएम किसान सम्मान निधि योजना में अपात्र पाए जाने वाले किसानों से सरकार पैसे वापस ले सकती है। यदि किसी परिवार के एक से अधिक सदस्य जैसे पिता-पुत्र, पति-पत्नी या भाई-भाई इस योजना का लाभ ले रहे हैं, तो यह गलत है। नियम के अनुसार एक ही परिवार का केवल एक सदस्य पात्र है।