बारिश से फिर बढ़ी घाघरा, सड़क और पुल डूबे
गोंडा। बीते एक माह से घाघरा की तबाही से शरणार्थी बनी करीब एक लाख की आबादी को अब दो वक्त की रोटी भी नसीब नहीं हो रही है। हजारों हेक्टेयर से अधिक फसल पूरी तरह तबाह हो चुकी है।
घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से बढ़कर 78 सेंटीमीटर हो गया। नदी का फैलाव इतना बढ़ गया है कि जिन सुरक्षित स्थानों पर पीड़ित शरण लिए थे नदी ने उन स्थानों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। रविवार को हुई जमकर बारिश से पूरे क्षेत्र में सैलाब नजर आ रहा है। आलम यह है कई जगह सड़क और छोटे पुल पूरी तरह डूब चुक हैं।
नदी का जलस्तर फिर बढ़ने से बाढ़ग्रस्त इलाकों के हालात अचानक बिगड़ने लगे हैं। बाढ़ पीड़ितों के सामने पहले से ही दो वक्त की रोटी जुटाने का संकट था। अब तो आलम यह है कि लोग किसी तरह भूखे प्यासे वक्त गुजार रहे हैं।
कई जगह लोगों का कहना है कि राहत के नाम पर जो सामग्री बांटी गई थी वह खत्म हो चुकी है। घरों में रखा अनाज भी घाघरा बहा ले गई। बाढ़ पीड़ित तमाम परिवार तो दाने-दाने को मोहताज हैं।
इसके अलावा खाना पकाने के लिए लकड़ियां तक नहीं मिल पा रही हैं, क्योंकि चारों तरफ पानी भरा है। इंसानों के साथ ही जानवरों के लिए चारे का भी संकट खड़ा हो रहा है।
केन्द्रीय जल आयोग संस्थान एल्गिन ब्रिज घाघराघाट से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार दोपहर तक घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष 106.856 दर्ज किया गया।
जो कि खतरे के निशान से करीब 78 सेंटीमीटर ऊपर है। घाघरा नदी से जुड़े बैराजों में पानी के डिस्चार्ज में कमी आने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे है। रविवार को बैराजों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार शारदा बैराज में पानी का डिस्चार्ज 1 लाख 46 हजार 172 क्यूसेक दर्ज किया गया।
तो वहीं गिरिजा बैराज में डिस्चार्ज 1 लाख 20 हजार 424 क्यूसेक रहा। सरयू बैराज का डिस्चार्ज 3354 क्यूसेक रहा। इस प्रकार कुल डिस्चार्ज 2 लाख 69 हजार 950 क्यूसेक रहा।
जिन घरों में पानी घुसा सिर्फ उन्हीं को मदद
बाढ़ से प्रभावित गांवों के लोग दाने-दाने को मोहताज हो रहे हैं। चारों तरफ पानी के बीच में फंसी उनकी जिंदगी को प्रशासन नजरअंदाज कर रहा है। प्रशासन ने जारी किए गए पैमाने पर खरा उतरने पर ही राशन एवं सरकारी मदद मुहैया कराने से लोग खासे परेशान हैं।
प्रशासन का दावा है कि जिन घरों में पानी घुस गया है और उनके खाने का कोई इंतजाम नहीं है उन्हें ही राशन की किट उपलब्ध कराई जाएगी। ऐसे परिवारों की संख्या करीब चार हजार से ऊपर है। इसके अतिरिक्त जिन लोगों के घर पानी से चारों तरफ घिरे हुए हैं। प्रशासन उनके लिए कोई इंतजाम नहीं कर रहा है।