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योजनाओं के लाभ से वंचित होंगे 4.70 लाख किसान

Fri, 02 Jun 2017 10:09 PM IST
amar ujala
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 प्रदेश सरकार की नई कृषि नीति के तहत बिना आधार कार्ड के सब्सिडी न जारी किसे जाने के फैसले से जिले के 4.70 हजार किसान सरकारी योजनाओं में मिलने वाली सब्सिडी से वंचित होंगे। सरकार के इस फैसले से किसानों के सामने समस्या पैदा हो गई है।
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अब तक अधिकतर किसानों का पंजीयन किसानों के वोटर आईडी कार्ड, खतौनी व उनके बैंक अकाउंट के आधार पर होता है। अब सरकार की ओर से योजना के लाभ के लिए अचानक आधार कार्ड अनिवार्य कर दिए जाने से  लाखों किसान योजनाओं के लाभ से वंचित हो जाएंगे।

अब कृषि विभाग की ओर से युद्ध स्तर पर यदि किसानों के आधार को किसानों के पंजीयन नम्बर से लिंक कराया जाए तो कुछ किसानों को लाभ हो सकता है। लेकिन बड़ी समस्या यह है कि अभी तक करीब 50 प्रतिशत किसानों के पास आधार कार्ड नही है। ऐसे में उनके सामने सब्सिडी न मिलने का संकट खड़ा हो गया है।       
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सरकार की ओर से अचानक कृषि नीति में बदलाव कर सभी तरह की कृषि सब्सिडी के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य बनाए जाने पर किसानों में नाराजगी है। किसानों का कहना है कि सरकार सबसे पहले किसानों का आसान तरीके से आधार कार्ड बनवाए उसके बाद आधार कार्ड को अनिवार्य करे।

यह आदेश किसानों के साथ ज्यादती करने वाला है। किसान शिव प्रसाद यादव का कहना है कि सरकार को अभी आधार कार्ड अनिवार्य नही करना चाहिए। तमाम किसानों का आधार नही बना है किसानों का आधार कार्ड बनवा कर पहले से दर्ज नम्बर से आधार को जोड़ा जाना चाहिए। किसान राम अवध चौबे का कहना है कि अधिकतर किसानों का पंजीयन वोटर कार्ड से हुआ है। आधार कार्ड को अब सब्सिडी का आधार बना दिये जाने से तमाम किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो जाएंगे।       
      
गोंडा। जिले में कई संस्थाओं की ओर से आधार कार्ड बनाया जा रहा है, लेकिन संस्थाएं मनमाने तरीके से काम कर रही हैं। उनके यहां आवेदन डम्प हैं लोगों के आधार कार्ड नही बनकर मिल रहे हैं। जिन संस्थाओं ने केंद्र सरकार से ठेका ले रखा है कभी भी जिला स्तर पर अधिकारियों की ओर से इस की समीक्षा नही की गई।

अब जिन किसानों का आधार नही बना है उनका इस फसली सीजन में इतनी जल्दी आधार बन पाना मुश्किल होगा। जिनका बन चुका है उनका कार्ड पुराने पंजीयन पर लिंक कौन कराएगा कहां होगा इसकी जानकारी किसानों को नही है। विभाग ने इस बावत अभी कोई जानकारी भी नही दी है। खाद व बीज लेने का समय चल रहा है अचानक नई नीति से किसानों को लाभ से वंचित होना पड़ सकता है।       
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