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बिना निविदा ही करा दिए गए 4.37 करोड़ के कार्य

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गोंडा। जिले के मनकापुर व वजीरगंज ब्लॉक में बिना टेंडर के ही पैक्सफेड संस्था ने चार करोड़ 37 लाख रुपये के काम करा दिए। कमिश्नर ने मंडलीय टीम गठित कर सत्यापन कराया तो मौके पर घटिया सामग्री का प्रयोग मिला तथा बिना निविदा के कार्य कराए जाने की पुष्टि हुई।
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इससे नाराज आयुक्त ने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को पत्र लिखकर जांच में करीब साढ़े सात लाख रुपये की रिकवरी के लिए कहा है। ये भी चेतावनी दी है कि यदि नौ अक्तूबर तक रिकवरी की कार्रवाई नहीं हुई तो संस्था के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर उनसे धनराशि की वसूली की जाएगी।
बताते चलें कि आयुक्त देवीपाटन मंडल एसवीएस रंगाराव ने मंडल में विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों की तकनीकी जांच के लिए मंडल स्तरीय समिति का गठन किया है।
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समिति ने कार्यदायी संस्था पैक्सफेड इकाई गोंडा द्वारा विकासखंड वजीरगंज के ग्राम करनीपुर में, विकासखंड मनकापुर के ग्राम पचपुती जगतापुर व ग्राम हड़हवा में हुई इंटरलाकिंग रोड व नाली निर्माण के कार्य की जांच की। इसमें बड़ी अनियमितता सामने आई है।
आयुक्त ने बताया कि जांच में पाया गया है कि कार्य के लिए निकाली गई ई-निविदा में अंकित इस्टीमेटेड कॉस्ट प्राक्कलन में अंकित लागत से अलग है। ई-निविदा को किसी भी राष्ट्रीय या स्थानीय समाचार पत्र में नहीं छपवाया गया और न ही इसका प्रचार-प्रसार किया गया। इसके साथ ही परियोजना के पूर्ण होने की तिथि मई-जून 2020 है, जबकि अभी तक कार्य पूरा नहीं हुआ है।
प्राक्कलन में प्रयोग किए गए ड्राई स्टोन बैलास्ट की दर में भिन्नता पाई गई है। उन्होंने बताया कि जांच में आई रिपोर्ट के अनुसार कार्य स्थल की स्थिति, प्राक्कलन तथा अन्य अभिलेखों की जांच के सापेक्ष तीनों परियोजनाओं में तकनीकी समिति द्वारा सात लाख 45 हजार 836 रुपये की रिकवरी प्रस्तावित की गई है।
आयुक्त ने इस संबंध में संबंधित अधिकारी, कर्मचारी व ठेकेदार का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए आगामी नौ अक्तूबर तक रिकवरी कराकर धनराशि जमा कराने के लिए कार्यदायी संस्था पैक्सफेड के प्रबंध निदेशक धीरेंद्र सिंह, मुख्य अभियंता अशोक कुमार तथा अधिशासी अभियंता संतोष कुमार पांडेय को पत्र लिखकर निर्धारित समयावधि में रिकवरी कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ये भी चेतावनी दी है कि यदि नौ अक्तूबर तक रिकवरी नहीं करा ली गई तो 10 अक्तूबर को प्रकरण में एफआईआर दर्ज कराकर प्रबंधक निदेशक पैक्सफेड, मुख्य अभियंता पैक्सफेड तथा अधिशासी अभियंता पैक्सफेड से ही रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में अनुसूचित जाति बाहुल्य ग्रामों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए कल्याण नियोजन प्रकोष्ठ से विकासखंड मनकापुर के ग्राम हड़हवा में इंटरलाकिंग एवं नाली निर्माण कार्य 132.82 लाख रुपये से कराया गया था। मनकापुर के ग्राम पचपुती जगतापुर में इंटरलाकिंग एवं नाली निर्माण कार्य 115.88 लाख रुपये लागत से तथा वजीरगंज के ग्राम करनीपुर में इंटरलाकिंग एवं नाली निर्माण कार्य 188.86 लाख रुपये लागत से कराया जाना था। मगर ये सभी कार्य कराने में मानकों एवं शासनादेशों को दरकिनार कर दिया गया।
यहां तक कि बिना ई-निविदा प्रकाशित कराए ही कार्य कराए गए। उन्होंने बताया कि आगे भी मंडल स्तरीय तकनीकी कमेटी द्वारा परियोजनाओं की जांच कराई जाएगी तथा निर्माण कार्यों में अनियमितता करने वाले जिम्मेदार अधिकारी व ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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