गोंडा। नवागत जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही ने शनिवार को कार्यभार ग्रहण किया। कलेक्ट्रेट में पत्रकार वार्ता में कहा कि शासन की प्राथमिकता उनकी प्राथमिकता है। कहा कि 18 एकड़ पर 383 करोड़ के बजट से बन रहे मेडिकल कालेज का निर्माण समय से पूरा कराएंगे।
वह चिकित्सा शिक्षा विभाग के विशेष सचिव थे, वहां से संपर्क बनाए रखेंगे और 2022 से मेडिकल कालेज में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू कराएंगे। उन्होंने कहा कि जिले के विकास के लिए जिला योजना में 451 करोड़ की योजनाओं को स्वीकृति मिली है।
कार्यभार लेने कि बाद जिलाधिकारी ने साफ कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही अब तय होगी। लापरवाही किसी की बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मेडिकल कालेज के साथ ही जिला अस्पताल में 500 बेड का अस्पताल भी पूरा होगा और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
विकास की हर परियोजना समय से पूरी होंगी, जो भी कार्य रुके हैं उन्हें पूरा किया जाएगा। बताया कि जनता की समस्याओं के निराकरण में अब लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी। पंचायत चुनाव के लिए तैयारियां पूरी हो रहीं हैं उन्हें और समयबद्व किए जाने की बात कही। बताया कि 1204 पंचायतों में चुनाव होने हैं, इसके पहले बूथों पर पूरी व्यवस्था की जाएगी।
श्रम विभाग की योजनाओं से जिले के तीन लाख के करीब श्रमिकों को जोड़ने के लिए अभियान चलेगा। बोर्ड परीक्षा पूरी निष्पक्षता के साथ कराने के लिए इंटर कालेजों की प्रभावी ढंग से जांच होगी। सवाल एक लाख के करीब छात्रों का है उनकी बेहतर शिक्षा देने का प्रयास होगा।
इसके अलावा तीन हजार से अधिक बेसिक स्कूलों में पढ़ने वाले 3.68 लाख बच्चों को जब सरकार की ओर से स्कूलों में बुलाने का आदेश होगा, बेहतर शिक्षा व्यवस्था देने की पहल की जाएगी। पूरी कोशिश है होगी जिले को शासन की व्यवस्था के अनुरूप सुविधाएं मिलें।
नवागत जिलाधिकारी 2009 बैच के आईएएस अधिकारी हैं तथा इससे पहले वे संतकबीर नगर व जनपद प्रतापगढ़ के जिलाधिकारी रह चुके हैं। बलिया, बस्ती व महराजगंज के सीडीओ एवं अन्य जनपदों में अपर जिलाधिकारी के पद पर कार्यरत रहे रहे हैं। इसके पूर्व वे विशेष सचिव चिकित्सा शिक्षा के पद पर कार्यरत थे।
इसके अतिरिक्त वे निदेशक, समाज कल्याण, स्टॉफ ऑफीसर कृषि उत्पादन आयुक्त, प्रबंध निदेशक प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, नियंत्रक बांट-माप, विशेष सचिव गृह व सतर्कता के पद भी कार्य कर चुके हैं।