फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

300 वाहन लाइसेंस धारक नहीं दे पाये अपने पते का सुबूत

विज्ञापन
विज्ञापन
गोंडा। वाहन लाइसेंस आवेदन के बाद लोग अब अपने पते का सही प्रूफ ही नहीं दे पा रहे हैं। जिसके अभाव में सैकड़ों लोगों के लाइसेंस अटके हुए हैं। मौजूदा समय में कुल लगभग 300 से अधिक परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस विभाग में डंप पड़े हैं। ये तीन सौ लोग अपने पते का सुबूत नहीं दे पाये हैं।
विज्ञापन

बता दें कि पिछले एक साल से लाइसेंसों के प्रिंटिंग और भेजने का कार्य मुख्यालय से ही होता है। लेकिन लगातार वापस लौटने वाले लाइसेंस की संख्या में इजाफा होने से संबंधित एआरटीओ कार्यालय को पते का सत्यापन कर लाइसेंस आवेदकों को सौंपने का कार्य शुरू किया गया है।
बताया जा रहा है कि पिछले लगभग 4 महीने से कुल 500 से अधिक परमानेंट लाइसेंस जो कि लौटकर मुख्यालय पहुंचे थे। उन्हें संभागीय परिवहन कार्यालय भेजा गया। यहां आवेदकों से पते का प्रूफ लेकर लाइसेंस दे दिया जाता है। लेकिन लगभग 300 लाइसेंस ऐसे जिनके आवेदक अपने सही पते का प्रूफ ही नहीं दे पाये हैं। इनमें कई लाइसेंस ऐसे हैं जो कि गोंडा के पते पर बनाये जरूर गये हैं लेकिन आवेदक अन्य जिलों के हैं।
विज्ञापन

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन संजीव कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यालय से पते के सत्यापन के बाद ही लाइसेंस आवेदक को देने के निर्देश हैं। लेकिन संबंधित पटल के लिपिकों को कहा गया है कि यदि पते में हल्की-फुल्की त्रुटि होने पर लाइसेंस देने को कहा गया है। यदि लाइसेंस के पते में अधिक भिन्नता मिलती है तो फिर लाइसेंस नहीं दिया जायेगा। इसका सबसे बड़ा कारण है कि लाइसेंस गलत हाथों में कतई नहीं जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें