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मनरेगा के 883 रोजगार सेवकों का 3.39 करोड़ मानदेय फंसा

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गोंडा। मनरेगा के ग्राम रोजगार सेवकों को बजट होने के बाद भी मानदेय नहीं मिल रहा है। कई ब्लॉकों में एक साल से भी अधिक समय बीतने के बाद भी मानदेय नहीं दिया गया है। 883 ग्राम रोजगार सेवक जिले में कार्यरत हैं और इनको मानदेय नहीं दिया जा रहा है। मानदेय का 3 करोड़ 39 लाख रुपये बाकी हैं और ब्लॉकों में 3.37 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध है। इसके बाद भी मानदेय न दिए जाने पर जिलाधिकारी डॉ. नितिन बसंल ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सीडीओ को निर्देश दिया है कि शून्य मानव दिवस वाली पंचायतों को छोड़कर बाकी के रोजगार सेवकों को मानदेय जारी कराएं।
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मनरेगा योजना को गांवों में लागू करने के लिए रोजगार सेवकों से पंचायतें काम लेती हैं। पंचायतों को प्रशासनिक मद से मानदेय का भुगतान होता है। पंचायतें समय से रोजगार सेवकों का भुगतान कभी नहीं करती हैं। रोजगार की गारंटी देने वाली परियोजना का हाल यह है कि पंचायत स्तर के रोजगार सेवक एक-एक साल तक मानदेय के लिए भटकते रहते हैं। जिले में 883 रोजगार सेवकों का करीब 3 करोड़ 39 लाख रुपये का मानदेय अवशेष है। इसके सापेक्ष प्रशासनिक मद में करीब 3 करोड़ 37 लाख 46 हजार 600 रुपये का बजट उपलब्ध है। जिससे रोजगार सेवकों को मानदेय दिया जा सकता था।
सिर्फ कुछ महीनों का ही मानदेय अवशेष रहता है। लेकिन मानदेय पर कार्य करने वाले रोजगार सेवकों को साल भर से परेशान किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने समीक्षा किया तो बजट के उपलब्ध होने की जानकारी हुई। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिन पंचायतों की मानव दिवस शून्य है वहां के रोजगार सेवकों को छोड़कर अन्य ग्राम रोजगार सेवकों के मानदेय का भुगतान प्राथमिकता से करें। उन्होंने 30 दिसंबर तक मानदेय भुगतान का ब्योरा तलब किया है। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि नए साल के पहले रोजगार सेवकों को मानदेय का भुगतान हो जाएगा।
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तीन ब्लॉकों को छोड़कर 13 ब्लॉकों में है पर्याप्त बजट
जिले के 16 विकास खंडों में तीन ब्लॉक ऐसे हैं जिनके पास बजट नही है। कटरा बाजार, नवाबगंज व तरबगंज में प्रशासनिक मद में बजट की उपलब्धता नही है। माना जा रहा है कि इन ब्लॉकों में प्रशासनिक मद का उपयोग किसी अन्य मद कर लिया गया है जिससे उपलब्धता नही है। इसके अलावा 13 ब्लॉकों के पास पर्याप्त बजट है जिससे मानदेय दिया जा सकता है। बभनजोत के पास 31.42 लाख, बेलसर में 18 लाख 8 हजार 358, छपिया में 37.38 लाख, करनैलगंज में 24.42 लाख, हलधरमऊ में 7.62 लाख, इंटियाथोक में 17.31 लाख, झंझरी में 37 लाख 2000, मनकापुर में 34.62 लाख, मुजेहना में 17.93 लाख, पंडरीकृपाल में 25.20 लाख, परसपुर में 29.46 लाख, रुपईडीह में 48.36 लाख, वजीरगंज में 8.64 लाख रुपए का बजट उपलब्ध है।
मनरेगा से कार्य कर रहे रोजगार सेवकों के मानदेय भुगतान के निर्देश दिए गए हैं। ब्लॉकों पर बजट उपलब्ध है, सभी बीडीओ से मानदेय का भुगतान करके 30 दिसंबर तक रिपोर्ट मांगी गई है। -आशीष कुमार, सीडीओ
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