कानपुर में हुईं ट्रेन दुघर्टना से रेलवे विभाग सकते में है। इसी के तहत रेलवे बोर्ड ने जोन के महाप्रबंधक को एक प्रत्र भेजकर सेफ्टी से जुड़े सेक्शनों पर कड़ी नजर रखने का आदेश दिया है। इसी को लेकर शुक्रवार को मंडल रेल प्रबंधक आलोक सिंह ने रेलवे स्टेशन का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 27 वॉकी-टॉकी खराब मिलने पर वे भड़क गए। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने चेतावनी दी कि सेफ्टी से खिलवाड़ पाये जाने पर कर्मियों को बख्शा नहीं जायेगा।
बताया जाता है कि कानपुर में हुई घटना से रेल विभाग को हिला देने के साथ ही सेफ्टी पर सवालिया निशान लगा गया है। इसी के बाद जीएम व डीआरएम सहित कई ऑफिसर ट्रैक व सिग्नल के सेक्शन का चेकिंग अभियान चला रहे हैं। इसी के तहत शुक्रवार को मँडल रेल प्रबंधक आलोक सिंह ने ब्रांच अधिकारियों के साथ गोंडा स्टेशन का निरीक्षण किया। यहां पर 27 बीएचएफ (वॉकी-टॉकी) सेट खराब मिलने पर भौचक्के रह गए।
उन्होंने तत्काल टीठ करवाने का आदेश दिया। इसके बाद प्लेटफार्म नंबर दो, वेटिंग रूम, बन रही स्वचालित सीढ़ी, स्टेशन परिसर को भी देखा और यहां पर फशु व गंदगी मिलने पर नाराजगी जाहिर कीे। इसके बाद वह करनैलगंज स्टेशन पर गए और स्टेशन परिसर में अवैध रूप से संचालित दुकानों को हटवाने का निर्देश दिया। इस बावत उन्होंने डीएम व एसपी से भी वार्ता की।
स्टेशन पर लगी एटीवीएम मशीन (आटोमेटिक टिकट वेडिंग मशीन) के खराब मिलने पर पर नाराजगी जाहिर की। डीआरएम आलोक कुमार सिंह ने प्लेटफार्म के बाहर अवैध अतिक्रमण को लेकर नाराजगी व्यक्त की। डीआरएम ने पुलिस अधीक्षक व जिलाधिकारी से सहयोग लेकर तत्काल अतिक्रमण हटवाने का आदेश दिया। निरीक्षण के दौरान डीआरएम के साथ सीनियर डीओएम स्वदेश कुमार सिंह, सीनियर डीसीएम नीलिमा सिंह, पंकज गंगवार, शिवेंद्र सिंह, के खान, एसके मिश्रा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।