करनैलगंज/गोंडा। बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे पानी और बारिश के चलते सरयू नदी का जलस्तर एक सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है। नदी खतरे के निशान से 37 सेमी. ऊपर पहुंच गई है। 24 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। वर्तमान में 3.36 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा है। डिस्चार्ज नहीं घटने के कारण जलस्तर में लगातार वृद्धि होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
करनैलगंज क्षेत्र में बाढ़ का पानी आठ ग्राम पंचायतों की पूरी आबादी को घेरे में ले रहा है। बाढ़ का पानी नकहरा गांव से सिर्फ 50 मीटर दूर है। बांध व नदी के बीच बसे ग्राम माझा रायपुर की तरफ भी तेजी से पानी बढ़ने लगा है। चंदापुर किटौली गांव के दो मजरे टापू बन गए हैं। बाराबंकी के ग्राम बेहटा के दो मजरे अभी तक पानी से घिर गए थे। आगामी 24 घंटे में ये मजरे जलमग्न हो जाएंगे।
बांध को कटान से बचाने के लिए मंगलवार को दिनभर बांस-बल्लियों से पायलिंग करके बहाव कम करने का प्रयास किया जाता रहा। बाढ़ खंड के अधिकारी बांध बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं। अनुमान है कि जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण बुधवार तक नकहरा गांव बाढ़ से प्रभावित हो जाएगा। गांव के लोगों का तटबंध पर आना शुरू हो गया है। ग्राम बहुवन मदार मांझा के राम सहाय, शिवशंकर, रामलग्न, संजीवन लाल का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ने और कटान से डर का माहौल है।
सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील
उपजिलाधिकारी यशवंत राव का कहना है कि बाढ़ पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्राम नकहरा में बाढ़ का पानी घुसने के पहले सभी लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। राजस्व विभाग की टीमें गांव में लगी हुई हैं। जो परिवार बांध पर शरण ले रहे हैं, उनके लिए लंच पैकेट की व्यवस्था कराई गई है।
नाव पर क्षमता से अधिक सवारी, बाइकें भी लाद रहे
विश्नोहरपुर (गोंडा)। नवाबगंज के दत्तनगर में ढेमवा मार्ग पर पिछले माह बाढ़ का पानी भरने से आवागमन बंद हो गया था। तब से ढेमवा पुल तक जाने के लिए लोग नाव का सहारा ले रहे हैं। अब नदी का जलस्तर बढ़ने से नाव से यात्रा में जोखिम बढ़ गया है। मंगलवार को यहां नाव पर क्षमता से कई गुना अधिक लोग सवार दिखे। दर्जन भर से अधिक बाइक भी नाव पर लदी थीं। चंद रुपयों की लालच में स्थानीय नाविक अधिक लोगों को नाव में बैठा रहे हैं। वहीं, ढेमवा जाने वाली बची हुई सड़क में भी कटान शुरू हो गया है। दत्तनगर के बाड़ी, पाड़ी साकीपुर के चहलावा व टड़िया मजरों में पानी भर रहा है। दुर्गागंज में भी कटान हो रहा है। (संवाद)
तीन घर नदी में समाए
उमरीबेगमगंज (गोंडा)। ऐली परसौली में बाढ़ व कटान के चलते शिवदयाल, सुदर्शन व अर्जुन का घर नदी में समा गया। तेलमहन पुरवा के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। गांव के जगदीश व छोटकू का घर भी कटान की जद में आ चुका है। बेलसर ब्लॉक के चार गांवों के रिहायशी इलाकों की तरफ बाढ़ का पानी धीरे-धीरे बढ़ रहा है। सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। यहां भोजन बनाया जा रहा है। 500 की आबादी वाला दक्षिणी माझा बाढ़ की चपेट में आ गया है। एसडीएम तरबगंज विश्वमित्र सिंह ने बताया कि बाढ़ क्षेत्र में निगरानी की जा रही है। लंच पैकेट का वितरण कराया जा रहा है। (संवाद)
दवाओं के साथ स्वास्थ्यकर्मियों की लगाई ड्यूटी
परसपुर (गोंडा)। सीएचसी अधीक्षक डॉ. लवकेश शुक्ल ने मंगलवार को बाढ़ चौकियों का निरीक्षण किया। पीएचसी भौरीगंज व पूरे तिवारी को अलर्ट मोड पर रखा गया है। स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई है। बाढ़ क्षेत्र में दवाओं का वितरण किया जा रहा है। (संवाद)