करुआपारा स्थित पेट्रोलपंप पर पसरा सन्नाटा। -संवाद
इटियाथोक/गोंडा। जिले में पेट्रोल-डीजल का संकट गहराता जा रहा है। हालात यह हैं कि पेट्रोल पंपों पर 24 घंटे का स्टॉक महज चार घंटे में ही खत्म हो जाता है। सोमवार को बीपीसीएल के नौ, एचपीसीएल के दो और इंडियन ऑयल के तीन पेट्रोल पंप पूरी तरह ड्राई हो गए, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बलरामपुर रोड स्थित एक पेट्रोल पंप पर सोमवार सुबह आठ बजे टैंकर पहुंचने के बाद वितरण शुरू हुआ, लेकिन दोपहर 12 बजे तक ही पूरा स्टॉक खत्म हो गया। आम दिनों में यही स्टॉक करीब 24 घंटे तक चलता था। शहर के कई पंपों पर आंशिक आपूर्ति की स्थिति बनी रही। जिलाधिकारी आवास के सामने स्थित पंप पर केवल पेट्रोल उपलब्ध रहा, जबकि अंबेडकर चौराहे पर उपभोक्ताओं को सिर्फ सीएनजी ही मिल सकी। इससे डीजल वाहनों के चालकों को खासी दिक्कत हुई।
इटियाथोक के करूआपारा और रामनगर झिन्ना स्थित इंडियन ऑयल पंप पर तीसरे दिन भी ईंधन नहीं पहुंच सका। सुबह से ही वाहन चालक टैंकर का इंतजार करते नजर आए, लेकिन निराश होकर लौटना पड़ा। हालांकि अयाह और पारासराय स्थित पेट्रोल पंप पर लगातार दूसरे दिन डीजल-पेट्रोल मिलने से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन कुल मिलाकर जिले में ईंधन संकट बरकरार है।
जिला आपूर्ति अधिकारी कुंवर दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि पेट्रोलियम कंपनियों के सेल्स प्रबंधकों से बात करके आपूर्ति बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।