गोंडा। जिले के किसानों को प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह व प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने सोमवार को करोड़ों की सौगात दिया। हलधरमऊ व झंझरी में 85- 85 लाख से बने किसान कल्याण केंद्रों का लोकार्पण करने के साथ ही नवीन फल मंडी में एक-एक हजार मीट्रिक टन के बने दो गोदामों का भी शुभारंभ किया।
फार्म मशीनरी बैंक योजना के चार लाभार्थियों को 12 - 12 लाख का अनुदान और दो मिनी गोदाम के लाभार्थियों को 3.34- 3.34 लाख का अनुदान प्रमाण पत्र दिया।
प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने जिले में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। कृषि महाविद्यालय का निरीक्षण करने के साथ ही कृषि गोष्ठी को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मंडल के 21 लाख किसानों को 1363 करोड़ सीधे खाते में भेजा गया है।
उन्होंने योगी सरकार ने कर्ज में डूबे किसानों के 1780 करोड़ का कर्ज माफी कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पहल की। इसके तहत गोंडा के ही 97 हजार 729 किसानों का 641 करोड़ 99 लाख का केसीसी ऋण माफ किया गया है। नवीन फल मंडी में पूर्व केंद्रीय मंत्री राधा मोहन सिंह ने बतौर अतिथि किसानों को संबोधित किया।
कहा कि सरकार की योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार ने कृषि मेला, गोष्ठी एवं प्रदर्शनियों का आयोजन प्रदेश के 825 ब्लाकों पर किया जा रहा है। किसानों के आर्थिक उन्नयन के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, कस्टम हायरिंग, फार्म मशीनरी बैंक तथा एफपीओ के माध्यम से कृषि यंत्रों पर अनुदान दे रही है।
किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत उचित मूल्य दिलाकर सरकार किसानों की आय बढ़ाने का काम कर रही है। कहा कि सरकार द्वारा किसानों के विकास के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत लगातार एमएसपी बढ़ाने का काम किया गया है।
कैबिनेट मंत्री कृषि, कृषि शिक्षा सूर्य प्रताप शाही नेे कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों को डीबीटी के माध्यम से सीधेे लाभ देने का काम कर रही है। किसानों की आय को वर्ष 2022 तक दुगुना करने के लक्ष्य पर काम करते हुए भारत में कृषि बजट 14 हजार करोड़ से बढ़ाकर 01 लाख करोड़ से अधिक किया गया है।
उन्होंने कहा कि जनपद गोंडा में पूर्वी हरित क्रांति के विस्तार की योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन ऑन ऑयल सीड्स योजना तथा कृषि यंत्रीकरण योजना के अंतर्गत वर्ष 2018-19 में 958 कृषि यंत्रों का वितरण किया। जिसमें 06 करोड़ 27 लाख की लागत के डह फार्म मशीनरी बैंक तथा 48 कस्टम हायरिंग सेंटर दिए गए।
इसी प्रकार वर्ष 2019-20 में 685 कृषि यंत्रों का वितरण किया गया, जिसमें 9 करोड़ 09 लाख की लागत से 09 फार्म मशीनरी बैंक तथा 67 कस्टम हायरिंग सेंटर तथा वर्ष 2020-21 में अभी तक 02 करोड़ 97 लाख की लागत के 09 फार्म मशीनरी बैंक तथा 523 कृषि यंत्रों का अनुुदान दिया जा चुका हैं।
उन्होंने बताया कि अब तक तीन वर्षों में 4332 कृषि यंत्रों पर जिले के किसानों को 36 करोड़ 70 लाख से अधिक धनराशि का अनुदान किसानों को दिया जा चुका है। इसके अलावा किसानों को बीज व उर्वरकों पर अनुुदान देने का काम किया जा रहा है।
सूर्य प्रताप शाही ने कर्नलगंज में 28 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन कृषि महाविद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निर्माण कार्य संतोषजनक कार्य न मिलने पर कृषि मंत्री ने राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक एसपी खंडूरी को फटकार लगाई।
कार्य करा रहे ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही को दिए हैं। कृषि मंत्री को कृषि महाविद्यालय की साफ-सफाई तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब मिली। महाविद्यालय का निर्माण वर्ष 2015 से किया जा रहा है। कुल स्वीकृत लागत 28 करोड़ 06 लाख 74 हजार के सापेक्ष अब तक कार्यदायी संस्था को 16 करोड़ का बजट प्राप्त हो चुका है।