बाजारवाद ने शांति में डाला खलल : डीएम
विश्व शांति दिवस के अवसर पर आयोजित हुआ कार्यक्रम
गोंडा। विश्व शांति दिवस सभी देशों और लोगों के बीच स्वतंत्रता, शांति और खुशी का एक आदर्श माना जाता है। विश्व शांति दिवस मुख्य रूप से पूरी पृथ्वी पर शांति और अहिंसा स्थापित करने के लिए मनाया जाता है। आज इंसान दिन-प्रतिदिन इस शांति से दूर होता जा रहा है। आज चारों तरफ फैले बाजारवाद ने शांति को व्यक्ति से और भी दूर कर दिया है।
यह विचार जिलाधिकारी जेबी सिंह ने गुरुवार को नारी ज्ञान स्थली महाविद्यालय में विश्व शांति दिवस के अवसर पर विश्व शांति सेना संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि संघर्ष और अशांति के इस दौर में अमन की अहमियत का प्रचार-प्रसार करना बेहद जरूरी और प्रासंगिक हो गया है। इसलिए संयुक्त राष्ट्रसंघ, उसकी तमाम संस्थाएं, गैर सरकारी संगठन, सिविल सोसायटी और राष्ट्रीय सरकारें प्रतिवर्ष 21 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस का आयोजन करती हैं। इस अवसर पर विश्व शांति के अध्यक्ष सुरेश मिश्र ने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू ने विश्व में शांति और अमन स्थापित करने के लिए पांच मूल मंत्र दिए थे, इन्हें पंचशील के सिद्धांत भी कहा जाता है। एनजीएम की प्रबन्धक डॉ. कृृष्णा सिन्हा ने कहा कि आज प्रत्येक व्यक्ति को यह समझना होगा कि इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है। कार्यक्रम के दौरान शिक्षिका आभा सक्सेना, दीप्ति द्विवेदी, रंजनाबन्धु, गीता श्रीवास्तव, नीतू सिंह सहित तमाम छात्राएं उपस्थित रहीं।