जिले में रोजाना 20 हजार मनरेगा मजदूरों को काम दिलाया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2016-17 में 22.71 लाख मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले की सभी 801 ग्राम पंचायतों में हर रोज मनरेगा के तहत कार्य कराए जाएंगे। डीएम ने डीसी मनरेगा को कार्यों की निगरानी का निर्देश दिया है।
डीसी मनरेगा शेषमणि सिंह ने बताया कि डीएम प्रीति शुक्ला के निर्देश पर जिले की सभी ग्राम पंचायतों में रोजाना मनरेगा के तहत कार्य कराए जा रहे हैं। सभी ग्राम पंचायतों में रोजाना कार्य होना अनिवार्य है।
डीसी मनरेगा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2015-16 में शासन ने 34 लाख मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया था जिसके सापेक्ष करीब 26 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया था। गत वर्ष 1.67 लाख के सापेक्ष 1.33 हजार श्रमिकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। छोटा जनपद होने के चलते वित्तीय वर्ष 2016-17 में शासन ने घटाकर 22.71 लाख मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
अप्रैल से ही जिले की सभी 801 ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य कराया जा रहा है। समय से लक्ष्य पूरा कराने के लिए डीएम ने सभी नौ ब्लॉकों के बीडीओ, एडीओ पंचायत व ग्राम पंचायत सचिवों को रोजाना कार्य कराने का निर्देश दिया है। हर ग्राम पंचायत में कम से कम 25-25 मजदूरों को रोजाना गांव में ही रोजगार दिलाया जाएगा।
ग्राम पंचायतों में निरंतर मनरेगा कार्य होने से श्रमिकों को रोजगार के साथ-साथ गांवों के विकास की संभावनाएं प्रबल होंगी। सभी ग्राम पंचायतों में नाली-खड़ंजा व तालाबों की खोदाई के साथ अन्य कार्यों पर भी फोकस किया जा रहा है। कार्य में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ डीएम ने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।