गाइड लाइन को दर किनार कर यहां 100 से अधिक अध्यापकों ने एक से अधिक परिषदीय स्कूल भवनों का निर्माण करा डाला। इनमें से अधिकांश भवन मानक के अनुसार नहीं बनाए गए तो कुछ अधूरे ही पड़े हैं।
विभाग अब ऐसे अध्यापकों की कुंडली तैयार करने में जुट गया है। माना जा रहा है कि वर्ष 2005 से अब तक 100 से अधिक अध्यापक एक से अधिक स्कूल भवन व अतिरिक्त कक्षाकक्ष तथा चहार दीवारी का निर्माण करा चुके हैं। करीब 20 करोड़ रुपये से बनाए गए स्कूल भवनों में गोलमाल िकया गया है। कई भवन अधूरे पड़े हैं।
गाइड लाइन के अनुसार एक अध्यापक एक स्कूल भवन का ही निर्माण करा सकता है। लेकिन यहां के 100 से अधिक गुरू जी बिल्डर बन गए। तत्कालीन अधिकारियों से साठगांठ कर व माननीयों से दबाव बनवाकर गाइड लाइन को दरकिनार कर एक से अधिक स्कूल बनवा डाले।
विद्यालय भवन निर्माण की धनराशि ग्राम शिक्षा निधि खाते में जाती है जिसका संचालन संबंधित गांव के प्रधान व स्कूल भवन निर्माण प्रभारी के संयुक्त हस्ताक्षर से होता है। मास्टर से बने बिल्डर जब भी जांच में फंसने लगते है तो संगठन को लेकर अधिकारियों पर दबाव बनाना शुरू कर देते है जिससे उन पर कोई कार्रवाई न हो सके।
वर्ष 2005 से अब तक 400 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय भवन के अलावा करीब 1500 अतिरिक्त कक्षा का निर्माण कराया जा चुका है।