24 घंटे भ्रमणशील रहेंगी 39 एंबुलेंस, सीएचसी पर भी स्वास्थ्य सेवाएं अलर्टडॉक्टरों ने की विस्फोटक पटाखों से दूरी बनाने की अपील, फुलझड़ी जलाकर मनाएं खुशी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। दीपावाली पर हादसों की आशंका को लेकर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड पर है। मेडिकल कॉलेज में 20 बेड रिजर्व कर दिए गए हैं। इमरजेंसी में तीन पालियों में नौ डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। 24 घंटे इमरजेंसी ड्यूटी के अलावा अन्य विशेषज्ञ डॉक्टर फोन करने पर उपलब्ध रहेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने ड्यूटी रोस्टर जारी कर सख्त निर्देश जारी दिए हैं।
मेडिकल कॉलेज में चार नवंबर तक डॉक्टरों की ड्यूटी का रोस्टर बनाया गया है। फिजिशियन, ऑर्थोपेडिक सर्जन, जनरल सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ सहित मेडिकल स्टाफ तैनात रहेगा। साथ ही ईएनटी, हड्डी रोग, चर्म रोग आदि सभी डॉक्टर फोन करने पर उपलब्ध रहेंगे। जिससे इमरजेंसी के दौरान घायलों का इलाज हो सकेगा। मेडिकल कॉलेज के साथ ही सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं और उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
दीपावली पर सबसे ज्यादा जलने की घटनाएं होती हैं। पटाखे के धुएं से प्रदूषण फैलता है, जिससे लोगों में सांस संबंधी की समस्या बढ़ जाती है। विभाग ने इसको लेकर विशेष तैयारी की है।
ढीले कपड़े पहनकर जलाएं दीये:
दीपावली पर ढीले कपड़े पहनकर दिए या पटाखे जलाएं। पटाखों से जलने पर ठंडा पानी या नल का पानी डालें। जले हुए स्थान पर टूथपेस्ट, हल्दी, नमक व अन्य वस्तुओं का लेप न लगाएं। मेडिकल कॉलेज के ईएनटी सर्जन डॉ. पीएन राय ने बताया कि तेज विस्फोट वाले पटाखों को छुड़ाने से बचें। पटाखों में काफी तेज आवाज होती है, जिसका असर कानों पर पड़ता है। ऐसे में पटाखे फोड़ते वक्त कान में रुई लगाएं, ताकि उसकी तेज आवाज कानों के अंदर तक न जा सके। अगर किसी को तेज आवाज की वजह से कानों में सीटी बजना या कम सुनाई देने की समस्या आती है तो इसमें लापरवाही बिल्कुल भी न करें। तत्काल डॉक्टर को दिखाएं, ताकि समय रहते उसे ठीक किया जा सके।
24 घंटे भ्रमणशील रहेंगी 39 एंबुलेंस:
दीपावली के अवसर पर 108 व 102 एंबुलेंस सेवा अलर्ट मोड पर रहेंगी। 39 गाड़िया भ्रमणशील रहेंगी, जिससे फोन आने के 15 मिनट के भीतर मरीजों को एंबुलेंस की सुविधा मिल जाएगी। एंबुलेंस के ड्राइवर व एलटी को निर्देश दिया गया है कि भीड़ भाड़ वाले रास्ते से बचकर शाॅर्ट रास्तों से जाने का प्रयास करें। ताकि कम समय में मरीज को अस्पताल पहुंचाया जा सके।