कॉलेज के चौकीदार को बंधक बना 1.10 लाख की लूट
नकाबपोश बदमाशों ने घटना को दिया अंजाम
पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद
बालपुर गोंडा। करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के कस्बा बालपुर स्थित शिक्षक बन्धु इण्टर कॉलेज में शनिवार की रात चार अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने धावा बोलकर कालेज के चौकीदार को बंधक बना लिया आलमारी का ताला तोड़कर 1.10 लाख की नगदी समेत स्कूल के अन्य कागजात लूटकर फरार हो गए। पूरी वारदात कालेज में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
कोतवाली करनैलगंज क्षेत्र के बालपुर स्थित शिक्षक बन्धु इण्टर कॉलेज में तैनात चौकीदार शाहिद अली के मुताबिक वह इंटर कालेज में चपरासी का काम करता है। कालेज के चौकीदार घनश्याम तिवारी की तबीयत खराब होने के कारण उसे रात में चौकीदारी के लिए लगाया गया था। शनिवार की रात वह कॉलेज के आफिस के बगल बने कंप्यूटर रूम में सो रहा था। शाहिद अली के मुताबिक रात करीब एक बजे चार नकाबपोश बदमाश कॉलेज में घुस आये और असलहे के बल पर उसे बंधक बना लिया। शाहिद अली ने बताया कि बदमाशों ने अपने मुंह को नकाब से ढंक रखा था। बदमाशों ने आलमारी की चाभी छीनकर उसे पास के एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद चारों लोगों ने आलमारी का ताला तोड़ दिया और उसमें रखी 1.10 लाख रुपये की नकदी व कालेज के अभिलेख व चौकीदार का मोबाइल लूट लिया। बदमाशों के जाने के बाद कमरे से बाहर निकलकर शाहिद अली ने इस घटना की सूचना कालेज के समीप ही रहने वाले चौकीदार घनश्याम तिवारी को दी। इसके बाद इसकी सूचना कालेज के प्रबंधक के भतीजे सुशील दूबे व प्रधानाचार्य अजय कुमार श्रीवास्तव समेत करनैलगंज पुलिस को दी गई। सूचना पर पहुंचे करनैलगंज कोतवाल अंगद राय व डाग स्क्वायड ने चौकीदार से घटना की जानकारी ली और कालेज परिसर का बारीकी से मुआयना किया। इस दौरान एक कमरे से पुलिस ने पटाखा दागने वाला नकली तमंचा भी बरामद किया है। इस मामले में चौकीदार शाहिद अली ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ कोतवाली करन्ैालगंज में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। कोतवाल अंगद राय ने बताया कि तहरीर मिली है रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
इनसेट
सीसीटीवी कैमरे में रिकार्ड हुई वारदात
शिक्षक बंधु इंटर कालेज में नकाबपोश लुटेरों द्वारा अंजाम दी गई पूरी वारदात कालेज में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकार्ड हो गई है। हांलाकि बदमाशों ने चालाकी दिखाते हुए सीसीटीवी का मानीटर निकालकर कालेज के सामने पानी भरे एक गड्ढे में फेंक दिया लेकिन वह सीसीटीवी का डीवीआर नहीं ले जा सके। पड़ताल के दौरान जब डीवीआर से सीडी निकालकर दूसरे मानीटर में लगाया गया तो बदमाशों की पूरी तस्वीर सामने आ गई।