स्कूलों में बनेंगे रीडर्स क्लब, हफ्ते दो पीरियड चलेंगे लाइब्रेरी में
गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग अब हर प्राइमरी व जूनियर हाईस्कूल में रीडर्स क्लब बनाएगा। स्कूलों में हर साल सौ स्कूलों में लाइब्रेरी खोली गई है। दो सालों में 199 स्कूलों में लाइब्रेरी बनाई जा चुकी है।
इसके पूर्व वर्ष 2011 व 2012 में सभी प्राइमरी व जूनियर हाईस्कूलों में लाइब्रेरी की स्थापना हो चुकी है। अभी तक लाइब्रेरी की पढुाई के लिए अलग से कोई व्यवस्था नही था। अब विभाग ने बच्चों व अभिभावकों का एक रीडर्स क्लब हर स्कूल में बनाने की पहल शुरू की है।
किताबों के पढने की रुचि रखने वालों की एक टीम स्कूलों में बनेगी। हर हफ्ते में दो पीरियड तय किए जाएंगे। इन पीरियड में लाइब्रेरी में बच्चों को शिक्षक पढाएंगे।
लाइब्रेरी तो थी पर नही होती थी पढ़ाई
परिषदीय स्कूलों में लाइब्रेरी की व्यवस्था तो वर्ष 2011 से ही था। वर्ष 2011 के बाद 364 प्राइमरी स्कूल और 28 जूनियर हाईस्कूल नए खुल गए। इसके बाद नए सिरे लाइब्रेरी स्थापना के लिए योजना बनी। बीते दो वित्तीय वर्षों में फिर 199 स्कूलों में लाइब्रेरी स्थापित किए गए।
प्रत्येक चुने गए स्कूलों को 13-13 हजार रुपये का बजट दिया गया। फिर भी लाइब्रेरी में पढ़ाई के लिए समय सारिणी तय नही थी। अब विभाग ने हर हफ्ते में दो-दो पीरियड की पढ़ाई कराने और क्लब बनाने का निर्देश दिया गया है।
योजना की निगरानी करने की भी व्यवस्था
स्कूलों में योजना के संचालन की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापकों की होगी। इसके साथ ही मां समूहों का गठन भी किया गया है। स्कूल प्रबंध समितियों के साथ ही मां समूह भी योजना पर नजर रखेगी। इसके अलावा एनपीआरसी व एबीआरसी भी अनुश्रवण कर गुणवत्ता बढ़ाने की पहल के साथ ही लाइब्रेरी संचालन पर नजर रखेंगे।
-स्कूलों में लाइब्रेरी से बच्चों का ज्ञानवर्धन होगा। एनसीटीई की अच्छी पुस्तकों को लाइब्रेरी में रखने के निर्देश हैं। बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के साथ ही उनके मानसिक विकास व पढने की क्षमता के विकास के लिए पहल की जा रही है। -रमाकांत वर्मा, बेसिक शिक्षा अधिकारी