घाघरा की कटान तेज, अब तक 3 हजार बीघा पानी में समाया
खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर
अमर उजाला ब्यूरो
करनैलगंज(गों डा)। घाघरा की बाढ़ की चपेट से प्रभावित गांवों की संख्या रविवार को बढ़कर 40 के पार हो गई। वहीं नये गांवों में पानी के घुसने एवं बाढ़ से प्रभावित होने का सिलसिला जारी है। शनिवार को पांच तो रविवार को चार नये गांव बाढ़ के पानी से घिर गये हैं। वहीं एल्गिन-चरसड़ी बांध के कट-वन पर घाघरा की कटान जारी है। यही नहीं घाघरा पिछले एक सप्ताह में किसानों की कृषि योग्य भूमि को 3 हजार बीधे से अधिक काटकर घाघरा में समाहित कर चुकी है।
लगातार दो दिनों से नदी स्थिर है। इसके बावजूद घाघरा खतरे के निशान से दस सेंटीमीटर ऊपर रही। बांध में दरार भी बढ़ती जा रही है। जिससे बांध और बाढ़ की स्थित भयावह होती जा रही है। रविवार को बल्ली पाइलिंग एवं लोहे के तारों से बांध को जकड़ने का कार्य तेज कर दिया गया। बांध के बीच में बच रही जगह में झाड़ झंखाड़ डालकर उसके ऊपर ब्रिक रोरा भरी बोरियां डालने का कार्य शुरु किया गया। जिससे कटान वाला हिस्सा पूरी तरह से सुरक्षित किया जा सके। यह मान कर बांध को बचाने की जददोजहद चल रही है मगर जहां यह कार्य किया जा रहा है नदी उससे आगे से कटान शुरु कर देती है। कट वन से पश्चिम तरफ ग्राम बेहटा व ग्राम पारा आस पास नदी ने करीब दो किलोमीटर से अधिक दूरी में नीचे नीचे कटान करने लगी है। इसका दायरा दिनो दिन बढ़ता जा रहा है। जिससे कृषि योग्य भूमि तो नदी में समा रही है। रिंगबांध का अस्तित्व समाप्ति की ओर है। साथ ही कृषि योग्य भूमि भी नदी की धारा में समाती जा रही है। उधर करनैलगंज क्षेत्र के ग्राम बहुवन मदार मांझा के मजरों कगडनपुरवा, हुसेनीपुरवा, रुदौली के दो मजरों तथा शिवगढ़ व केवटनपुरवा में भी घाघरा का पानी घुसने गया है। तथा पानी का क्षेत्र में फैलाव लगातार जारी है।
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78 मजरे बाढ़ के पानी से घिरे
अब तक क्षेत्र के 78 मजरे बाढ़ से प्रभावित हैं। जिसमें करनैलगंज क्षेत्र के ग्राम नकहरा, काशीपुर, बहुवन मदार मांझा, बाबा मांझा, घरकुंइयां, शिवगढ, पूरे अंगद, प्रतापपुर, रुदौली, भटपुरवा के करीब 40 मजरे अभी भी पानी से पूरी तरह से घिरे हुए है। जिसमें से करीब 16 मजरे ऐसे हैं जहां गांव में पानी भरा हुआ है। दूसरी ओर बाराबंकी जिले की पांच ग्राम पंचायतों कमियार, परसावल, रायपुर, बेहटा, नैपुरा व पारा के करीब 38 मजरों में भी लगातार पानी बढ़ रहा है। उन गांवों का पानी फैलकर सीधे गोंडा जिले के गांवों को प्रभावित करता है। अब तो नकहरा के रास्ते पानी सीधे करनैलगंज क्षेत्र को प्रभावित करने लगा है।
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बांध पर बन रहा दबाव
अवर अभियंता एनके सिंह ने बताया कि नदी बांध पर लगातार दबाव बनाकर बह रही है। जिससे कटान का खतरा बना हुआ है। नदी के नीचे से कटान करने पर बांध में अपने आप दरारें आ जाती है। इसके लिए बल्ली पाइलिंग का कार्य तेजी के साथ करवाया जा रहा है।
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45 नावें लगाई गईं
तहसीलदार रमेंश बाबू ने बताया कि करीब 8 ग्राम पंचायतों के 40 मजरे बाढ़ की चपेट में हैं। जिसमें ग्रामीणों की सुविधा के लिए करीब 45 नावें लगी हुई हैं। रुदौली व पूरे अंगद बहुवन मदार मांझा गांव के चार मजरे नये सिरे से पानी से घिरे हैं। सभी गांवों में कर्मचारी लगाये गये हैं, जो लगातार निगरानी कर रहे हैं। बाढ़ प्रभावित गांव में राशन किटों का वाितरण कराया जा रहा है।