गोंडा। विद्यालय संचालन में नियमों की अनदेखी पर सख्ती दिखाते हुए शासन ने वित्त विहीन इंटर कॉलेजों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। पढ़ाई में गुणवत्ता बरतने में कोताही बरतने के मामले में देवीपाटन मंडल के चार जिलों के 18 वित्तविहीन इंटर कॉलेजों को बंद कराया जाएगा। चिन्हित इंटर काॅलेजों को यूपी बोर्ड की काली सूची में डालने के साथ ही इनकी मान्यता खत्म किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
बीते दिनों बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारण में सूची से मंडल के इन कॉलेजों को बाहर कर यूपी बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है अब इन कॉलेजों का संचालन ज्यादा दिन नहीं होगा। यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्रों को तय करने की कवायद शुरू हुई तो गोंडा के 11 इंटर कॉलेजों के साथ ही बहराइच के 03, श्रावस्ती के 02 और बलरामपुर के 01 इंटर कॉलेज को चिन्हित किया गया। यूपी बोर्ड की रिपोर्ट में इन कॉलेजों की मान्यता निरस्त होने वाले संभावित कॉलेजाें में शामिल किया गया है। इसके बाद वित्त विहीन कॉलेजाें के प्रबंधकों में हड़कंप व्याप्त है। यूपी बोर्ड के स्तर से मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई में शामिल इंटर कॉलेजों की सूची में गोंडा के शिव नरायन सिंह इंटर काॅलेज करनैलगंज, श्रीपति कृष्णदेव इंटर कॉलेज पायरखास शीतलगंज ग्रांट, रालयलसन पब्लिक इंटर कॉलेज हथिनीखास भोपतपुर, कृषक बालिका इंटर कॉलेज इटियाथोक, विद्यार्थी जनकल्याण इंटर कॉलेज लक्ष्मीगंज ग्रंट छपिया बभनान, रामशब्द पांडेय इंटर कॉलेज खौदी रूद्रगढ़ नौसी, स्व. राम अवतार सिंह इंटर कॉलेज केशवनगर ग्रंट पश्चिमी, भवानी प्रसाद शुक्ल इंटर कॉलेज पंडित पुरवा, लाल बहादुर इंटर कॉलेज गोंडा, संजय गांधी इंटर कॉलेज गौनहा मौचई व राम लायक मिश्र इंटर कॉलेज का नाम शामिल है।
इसके साथ ही बहराइच जिले के एमपी रामदुलारे उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मदौना, स्वामी रमानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बहराइच, श्रावस्ती जिले के त्रयंबकेश्वर रामानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिरसिया श्रावस्ती, पंडित जेतवन इंटर कॉलेज श्रावस्ती, पंडित बाबूराम शुक्ल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिरसिया श्रावस्ती तथा शेख मंसूर अली उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पचपेड़वा बलरामपुर की मान्यता भी खत्म किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) ओमप्रकाश गुप्त ने बताया कि मंडल के 18 इंटर कॉलेजों की मान्यता वापस लिए जाने की प्रक्रिया चल रही है। जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई को अंतिम स्वरूप दिया जाएगा।