4 घंटे में घाघरा ने लील ली 425 बीघा जमीन
गोंडा। घाघरा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। घाघरा खतरे के निशान से ऊपर तेजी से बढ़ रही है। कई स्थानों पर कटान की नौबत भी आ गई है। वहीं नकहरा गांव के पास बनाए गए रिंग बांध की मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। बीते 24 घंटे में घाघरा ने करीब 425 बीघा खेत काट कर अपने धारा में विलीन कर लिया है।
शुक्रवार को घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष 106.286 पहुंच चुका है। जैसे-जैसे घाघरा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। वैसे-वैसे घाघरा का पानी लगातार क्षेत्र में फैलता जा रहा है।
जहां तीन दिन पहले बांध से नदी काफी दूर पर थी। वहां अब नदी बांध से सटकर बहने लगी है और घाघरा का पानी हिलोरे मारते हुए बांध से टकराने लगा है। करीब 2 किलोमीटर तक चकमार्ग पर बनाए गए अस्थाई रिंग बांध की मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
इस बांध को बालू मिट्टी से ऊंचा करके उसे खड़ा कर दिया गया है। जिससे घाघरा का पानी जैसे जैसे बांध से टकरा रहा है वैसे वैसे बांध लगातार कमजोर हो रहा है। दर्जनों स्थानों पर रेनकट्स होने के नाते उस बांध की मुसीबत और बढ़ गई है।
हालांकि बांध के किनारे नदी का बहाव कम होने के कारण अभी बांध सुरक्षित है। दूसरी ओर ग्राम परसावल, नैपुरा के पास नदी सीधे बांध तक पहुंचने के लिए जमीन को काटने में लगी हुई है।
दूसरी ओर ग्राम बेहटा के मजरा चर पुरवा के सामने गुरुवार से और शुक्रवार के बीच 24 घंटे में करीब 80 बीघे तथा नैपूरा, परसावल के पास करीब 250 बीघा, रायपुर मांझा के पास करीब 100 बीघे से ज्यादा खेत काटकर नदी ने अपनी धारा में परिवर्तित कर लिया है और खेतों पर अब घाघरा की धारा प्रवाहित हो रही है।