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बिजलीघर संभालेंगे जेई तो फीडर इंचार्ज होंगे टीजीटू

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बिजलीघर संभालेंगे जेई तो फीडर इंचार्ज होंगे टीजी टू
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- मुख्य अभियंता ने पूरे जोन के टीजी टू के लिए लागू किया फरमान
- फीडर की बिजली आपूर्ति और चोरी से लेकर कनेक्शन तक का रखना होगा रिकार्ड अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। बिजलीघरों पर तैनात टेक्नीशियन ग्रेड टू के बिजलीकर्मियों की जिम्मेदारी फिक्स करने के लिए मुख्य अभियंता एनके मिश्र ने पूरे जोन के टीजी टू को फीडर इंचार्ज बनाए जाने का फरमान जारी किया है। इसलिए अब से जेई (अवर अभियंता) अपने-अपने बिजलीघरों से निकलने वाले फीडरों की सारी डिटेल इन टीजी टू से लेकर उसकी रिपोर्ट ऊपर के अधिकारियों को करेंगे। वहीं फीडर में आई किसी प्रकार की खराबी और अन्य दिक्कतों के लिए सीधे तौर पर इन टीजी टू को ही जिम्मेदार समझा जाएगा। पावर कारपोरेशन में 6 महीने पहले तक जेई विहीन बिजलीघरों में यही टीजी टू प्रभारी अवर अभियंता हुआ करते थे। लेकिन योगी सरकार में इन टीजी को पावर कारपोरेशन से रिवर्ट कर दिए जाने के बाद इनका मूल पद फिर से टीजी टू (टेक्नीशियन ग्रेड टू) हो गया। हालांकि जिले में अभी भी तीन ऐसे टीजी टू हैं, जो बतौर प्रभारी अवर अभियंता बिजलीघरों का काम काज देख रहे हैं। जिसमें मुजेहना अजमद अली, करनैलगंज एहसान हुसैन और परसपुर मो.आरिफ हैं। जबकि बाकी टीजी टू को प्रभारी अवर अभियंता की पोस्ट से 4 महीने पहले ही उनके मूल पद टीजी टू पर रिवर्ट किया जा चुका है। ऐसे में मुख्य अभियंता एनके मिश्र ने इन टीजी टू को एक बार फिर से बड़ी जिम्मेदारी के तौर पर फीडर इंचार्ज बनाए जाने का फरमान जारी किया है।
मुख्य अभियंता एनके मिश्र का कहना है कि बिजलीघरों में अभी तक हर प्रकार की शिकायत व समस्या के लिए सीधेर तौर पर यहां के अवर अभियंता को ही जिम्मेदार माना जाता था। लेकिन जब बिजलीघर पर उनके विभागीय कर्मी (संविदाकर्मियों को छोड़कर) टीजी टू तैनात हैं। तो फिर कुछ जिम्मेदारी तो इनकी भी बनती है। इसलिए मंडल के चारों जिलों में जितने भी विभागीय टीजी टू ग्रेड के बिजलीकर्मी कार्यरत हैं। उन सभी को बिजलीघरों से निकलने वाले फीडरों का इंचार्ज बनाया जाएगा। जिसकी पूरी जिम्मेदारी उनकी होगी। टीजी टू को रोज सारी डिटेल बिजलीघर के अवर अभियंता को देनी होगी। मुख्य अभियंता ने बताया कि अवर अभियंताओं के पास काफी जिम्मेदारियां पहले से हैं। टीजी टू ग्रेड के बिजलीकर्मियों में कुछ जिम्मेदारी बंट जाने से अवर अभियंताओं को राहत मिलेगी। साथ ही दोनों लोगों की जिम्मेदारी भी तय रहेगी।
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इनसेट
84 बिजलीघरों से निकले 270 फीडर
देवीपाटन मंडल के चार जिलों में 33/11 केवी क्षमता के अलग-अलग कुल 84 बिजलीघर हैं। जिसने 11 केवी के तकरीबन 270 फीडर निकले हैं। जबकि इन फीडरों के सापेक्ष चार जिलों में काम करने वाले टीजी टू के बिजलीकर्मियों की कुल संख्या 100 भी नहीं है। ऐसे में एक टीजी टू को दो से तीन फीडरों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ सकती है।
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