तेज हवा और बारिश से बिजली गुल, फसल तहस नहस
24 घंटे तक अंधेरे में रही साढ़े चार लाख आबादी
गोंडा। जिले में हुई जबरदस्त बरसात के साथ तेज हवाओं के चलने से कई गुरुवार शाम ग्रामीण इलाकों की बिजली गुम हो गई। मसकनवां क्षेत्र में 24 घंटे के बाद भी बिजली नहीं आई। वहीं बरसात के दौरान हाईटेंशन का तार टूट एक छप्पर पर गिर गया जिससे उसमें बंधे दो दुधारू मवेशी मर गए। गन्ने व मक्के की फसल गिर कर चौपट हो गई।
थाना कटरा बाजार के ग्राम अयोध्या पुरवा निवासी उदयभान दूबे ने बताया कि गुरुवार को तेज बरसात हो रही थी तभी कैथाला स्टेशन के पास से 11 हजार की लाइन जो नकही गाँव को जाती है का तार टूटकर उनके घर के सामने छप्पर पर गिर गया। पावर कार्पोरेशन के कर्मचारियों को कई बार फोन करने पर लाइन बन्द हुई। काफी देर तक अफरातफरी मची रही। पावर कार्पोरेशन द्वारा लाइन के नीचे जाल भी नहीं लगाया गया है, जबकि 11 हजार की लाइन घर के पास से होकर जाती है। पास कई स्कूल के बच्चे भी इसी रास्ते से होकर जाते हैं। आये दिन तार टूटकर नीचे गिर जाता है। पशु डॉक्टर रामजी शुक्ल ने पहँचकर दोनों पशुओं का पीएम कराया।
वहीं मनकापुर मसकनवा के बीच 33 केवी बिजली का तार कई स्थानों पर ब्रेक होने के कारण मसकनवा 33/11 विद्युत उपकेंद्र अन्तर्गत आने वाली चार लाख आबादी को 24 घंटे बिजली की संकट से जूझना पड़ा है। वृहस्पतिवार को तेज हवा बरसात होने से मनकापुर मसकनवा के बीच कई जगह पेड़ों की डाल तार पर गिरने से 33 केवी लाइन ब्रेक हो गई। इससे मसकनवा विद्दुत उपकेंद्र से एक बजकर पैंतीस मिनट पर चारों फीडरों पर बिजली की आपूर्ति बंद हो गयी। शाम चार बजकर पचास मिनट पर सप्लाई शुरू की गयी, लेकिन सप्लाई तुरंत फेल हो गयी। छह बजकर तीस मिनट, नौ बजकर बीस मिनट व दस बजकर तीस मिनट पर पुन: सप्लाई दी गयी जो दस से बीस मिनट के बीच ही फेल हो गयी। बिजली आपूर्ति बंद होने के कारण मसकनवा विद्दुत उपकेंद्र के चार फीडरों के अन्तर्गत आने वाले छपिया, बभनजोत एवं मनकापुर ब्लाक के बीस गांव को मिलाकर चार लाख से ऊपर आबादी को बिजली संकट से जूझना पड़ा। अवर अभियंता रामआज्ञा ने बताया कि तेज आंधी व वरसात के कारण मनकापुर से मसकनवा के बीच बरशैनियाँ, कोलहार गांव, मनकापुर, सोहिला, छपिया थाने के निकट सहित कई स्थानों पर बिजली के तार पर पेड़ व डाल टूटकर गिरने से आपूर्ति ठप हो गयी है। दस विद्दुत संविदा कर्मियों को आपूर्ति सही करने के लिये लगाया गया है। शुक्रवार को एक बजे के बाद मसकनवा, गौरचौकी व छपिया फीडर की विद्दुत आपूर्ति शुरू कर दी गयी है। जल्द ही छपिया फीडर पर विद्दुत आपूर्ति शुरू कर दी जायेगी। वहीं 132/33 केवी मनकापुर विद्दुत केंद्र पर लाइटिंग अरेस्टार टूटने के कारण गोंडा से मनकापुर की विद्दुत आपूर्ति दो घंटे ठप्प रही।
चौपट हुई गन्ना व मक्का की फसल
गुरुवार की शाम को शुरू हुई बरसात व तेज हवा के कारण तैयार गन्ना, तिल, मक्का की फसल गिर गई। जमीन गीली होने तथा बरसात से जड़ें ढीली होने के कारण करीब 500 हेक्टेयर में लगी गन्ने व मक्का की फसल चौपट हो गई है। किसानों के खेतों में गन्ने की फसल लगभग तैयार है और नवंबर से चीनी मिलों को आपूर्ति की जानी है। गन्ने की फसल गिरने से उसका वजन कम हो जाएगा, जबकि मक्का की फसल गिरने से उसमें लगी बालियां भी खराब हो जाएंगी। तरबगंज क्षेत्र में गन्ने की फसल पूरी तरह गिर गई है। किसानों ने बताया कि एक तो बारिश नहीं हो रही थी लेकिन बारिश के साथ हवा चलने के कारण फसल का नुकसान हुआ है।
धान के लिए मुफीद रही बारिश
धान की फसल के लिए बारिश मुफीद रही। सूख रही धान की फसल में इस समय बालियां फूट रही हैं। बारिश न होने के कारण यह क्रम बहुत धीरे हो रहा था। पानी मिलते ही धान की बालियां अब तेजी से फूटेंगी। जिला कृषि अधिकारी विनय सिंह ने बताया कि धान के लिए यह बरसात वरदान रही और रबी बोआई के लिए किसानों के खेतों में नमी हो गई है जिससे वे अब सरसो की बोआई व गन्ने की बोआई शुरू कर सकते हैं। गेहूं व अन्य फसलों के लिए खेतों को किसान अभी से तैयार कर लें जिससे उन्हें बोआई में आसानी होगी।