स्कूल बंद कराने पर लामबंद हुआ विद्यालय प्रबंधक मंच
बीएसए को ज्ञापन सौंप दी आंदोलन की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। बिना मान्यता के संचालित हो रहे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई से नाराज राष्ट्रीय वित्त विहीन विद्यालय प्रबंधक मंच लामबंद हो गया है । सोमवार को मंच के पदाधिकारियों के नेतृत्व में करीब दो दर्जन लोगों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर इस कार्रवाई को बंद करने की मांग की और आंदोलन की चेतावनी दी।
प्रदेश सरकार ने बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश बेसिक शिक्षा व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अफसरों को दिया है। शासन के इस फैसले के बाद जिले में बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों की कुंडली खंगाली जाने लगी है। बेसिक शिक्षा विभाग अब तक इस मामले में करीब 250 स्कूलों को नोटिस देकर उनके मान्यता संबंधी अभिलेख तलब कर चुका है। इस कार्रवाई को लेकर बिना उमान्यता के संचालित हो रहे स्कूलों के प्रबंधकों में हड़कंप है। इस कार्रवाई के खिलाफ इस तरह के स्कूलों के संचालक लामबंद होने लगे है। इनका तर्क है कि मान्यता के नाम पर विद्यालय संचालकों का उत्पीड़न किया जा रहा है और स्कूल बंद कराने का भय दिखाकर अवैध रुप से धन उगाही की जा रही है। सोमवार को राष्ट्रीय वित्त विहीन विद्यालय प्रबंधक मंच के बैनर तले करीब दो दर्जन विद्यालय प्रबंधकों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार देव उपांडेय से मुलाकात की और उन्हे ज्ञापन सौंप स्कूलों को बंद कराने की कार्रवाई को रोकने की मांग की। मंच के प्रांतीय अध्यक्ष कारी अबरार कासिफ जिलानी का अरोप है कि कई स्कूलों की मान्यता संबंधी फाइल बेसिक शिक्षा विभाग में लंबित पड़ी है लेकिन उसका निस्तारण नही किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसी तरह से विद्यालय संचालकों का उत्पीड़न जारी रहा तो विद्यालय प्रबंधक मंच सड़क पर उतर कर आंदोलन को बाध्य होगा। इस दौरान नंद किशोर पटेल, शिवकुमार विश्वकर्मा समेत अन्य मौजूद रहे।