नौकरी के लिए सड़क पर उतरे टीईटी-बीएड अभ्यर्थी
जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, भर्ती प्रक्रिया को फिर से शुरु कराने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। 72825 प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती प्रक्रिया व बेसिक शिक्षा नियमावली के 15 वें व 16 वें संशोधन को वैध ठहराये जाने के शीर्ष अदालत के फैसले के बाद सोमवार को टीईटी व बीएड पास सैकड़ों बेरोजगार युवक नौकरी की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए। बीएड व टीईटी पास युवकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा
प्रदेश सरकार ने 7 दिसंबर 2012 को 72825 प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इसके लिए 4 फरवरी 2013 को पहली काउंसलिंग भी कराई गई थी लेकिन बाद में शिकायत के आधार पर उच्च न्यायालय ने इस भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। इस रोक के बाद इस भर्ती प्रक्रिया के तहत आवेदन करने वाले जिले के सैकड़ों अभ्यर्थी नौकरी पाने से वंचित रह गए थे। अब सुप्रीम कोर्ट ने 25 जुलाई को दिए गए अपने फैसले में दिसंबर 2012 में 72825 प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती के विज्ञापन को वैध ठहराया है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने बेसिक शिक्षा नियमावली के 15 वें व 16 वें संशोधन को भी वैध करार दिया है। इस फैसले के बाद वर्ष 2011 में टीईटी की परीक्षा पास करने वाले उन बीएड पास युवकों में नौकरी की उम्मीद जगी है जिन्होने पुरानी प्रक्रिया के तहत आवेदन कर रखा था। इस भर्ती प्रक्रिया को फिर से शुरु करने की मांग को लेकर बीएड/टीईटी 2011 पास सैकड़ों अभ्यर्थियों ने सोमवार को गांधी पार्क से कलेक्ट्रेट परिसर तक जुलूस निकाला। बीएड/टीईटी पास युवकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट नन्हेलाल को सौंपा। ज्ञापन देने वालों में संगठन के जिलाध्यक्ष रवि प्रकाश त्रिपाठी, संयोजक बृजलाल तिवारी, विक्रांत शुक्ला, अर्जुन यादव, सतीश कुमार, संतोष वर्मा, रजनीश श्रीवास्तव, सर्वदानंद त्रिपाठी, विपिन सिंह, गंगाराम, अजय मिश्र समेत अन्य शामिल रहे।