गोंडा। 18 अक्टूबर से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्रि में कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए प्रतिमाएं रखी जायेंगी। सरकार ने आदेश जारी कर अनलॉक-5 में कुछ प्रतिबंधों के साथ दुर्गा पूजा व रामलीला के आयोजन की छूट दे दिया है। जिले भर में करीब 13 सौ दुर्गा, काली सहित नव देवियों की प्रतिमाएं रखी जाती हैं। पूरी नवरात्रि माता के आराधनाओं व जागरण में बीतता है।
शहर में दो बड़े पंडाल समेत 169 बनाये जाते हैं। रानी बाजार में माता वैष्णों देवी मंदिर आकार में बने भव्य पंडाल की सुंदरता देखते ही बनती है। पिछले साल तक इस पंडाल को देखने प्रतिदिन करीब 10 हजार श्रद्धालु आते थे लेकिन इस बार कोरोना संकट के कारण श्रद्धालुओं के संख्या में प्रभाव पड़ेगा।
वहीं शहर के सोनार गली, साहबगंज, भरत मिलाप चौराहा, ददुआ बाजार, बड़गांव, एकता तिराहा, झझरी ब्लाक, जयनगरा अम्बेडकर चौराहा आदि स्थानों पर माता की प्रतिमा रखी जाती हैं। सभी दुर्गा पंडालों का कुछ न कुछ अलग-अलग आकर्षक का कारण होता है।
कहीं सीप, कहीं मोती तो कहीं ड्राई फ्रूट्स की प्रतिमायें आकर्षण का केंद्र होती हैं। खूबसूरत लाइटिंग से पूरा शहर जगमगा जाता है। नव दिन अलग-अलग देवियों की आराधना की जाती है। इस बार नवरात्रि में कोरोना के लिए निर्धारित प्रोटोकाल का पालन करते हुऐ दुर्गा पूजा मनाया जाएगा।
ये रखनी होंगी सावधानियां
सरकार ने कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुऐ धार्मिक आयोजनों की छूट दे दी है। जिसके अनुसार श्रद्धालुओं व आयोजकों को कोरोना से बचने के लिए सरकार के निर्देशों का पालन करते हुऐ सावधानियां बरतनी होगी। नवरात्रि के दुर्गा पंडाल व राम लीला कार्यक्रम में एक साथ 200 तक ही शामिल हो सकेंगे। पंडाल के आयोजन समिति को श्रद्धालुओं के लिये सैनिटाइजर की व्यवस्था करानी होगी साथ में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। माता के दर्शन के लिये आने वाले श्रद्धालुओं को अनिवार्य रूप से मास्क लगाना होगा। प्रतिमाओं को छूने पर प्रतिबंध होगा।
दुर्गा प्रतिमा स्थलों पर कोविड-19 का पूरा पालन कराने के दुर्गा प्रतिमा समितियों को निर्देश दिए गए हैं। पंडालों में सैनिटाइजर के साथ सभी को मास्क लगाने के निर्देश दिए गए है।
- महेंद्र सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक