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नए वितीय वर्ष में मनरेगा के कार्यों की लाइव निगरानी

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नए वित्तीय वर्ष में मनरेगा के कार्यों की लाइव निगरानी

गोंडा। ग्राम्य विकास विभाग अब मनरेगा योजना की लाइव निगरानी करेगा। इसके लिए सीक्योर सॉफ्टवेयर लांच किया। इसके साथ ही ई-सक्षम माड्यूल भी तैयार किया है। दोनों हाईटेक तकनीक से मनरेगा के हर कार्यों की लाइव निगरानी हो सकेगी।

इसके लिए जिले के मनरेगा से जुडे़ अधिकारियों को कर्मियों को प्रशिक्षित करने की योजना बनी है। जिससे योजना की निगरानी के लिए उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा सके।
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अभी तक मनरेगा के कार्यों की ऑनलाइन निगरानी तो हो रही है लेकिन इसके बावजूद गड़बड़ियों का खुलासा होते रहते हैं और शिकायतों में कमी नही आ रही है। अब मनरेगा के कार्यों पर कड़ी नजर रखने की रणनीति तैयार हुई है जिससे हर समय हर स्थान पर नजर रहेगी।

जिले में करीब 150 करोड़ की मनरेगा योजना एक साल के लिए तैयार की जाती है। इसके अलावा अन्य योजनाओं को भी जोड़ने का प्रयास होता है जिससे मनरेगा के कार्र्यों का विस्तार किया जा सके।

मौजूदा समय में मनरेगा से जोड़कर दो बड़ी परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। टेढ़ी नदी व मनवर नदी के जीर्णोद्वार के लिए करीब सौ करोड़ की परियोजनाएं चलाई जा रही हैं।

जिससे सौ गांवों के लिए लुप्त हो चुकी नदियां जीवनदायिनी बन सकेंगी। इसके साथ ही करीब 14 करोड़ से 16 गौ आश्रय स्थलों के विकास की योजनाएं चल रही हैं। इन सबके साथ ही हर गांव में दो से तीन कार्यों को हर दिन जारी रखने की योजनाओं पर कार्य हो रहा है।

इन परियोजनाओं को लेकर आए दिन गड़बड़ियों की शिकायतें भी मिल रही है। जिससे आधा दर्जन से अधिक गांवों की जांच हो रही हैं। वहीं कटरा बाजार व इंटियाथोक मेें कई कार्यों पर कार्रवाई भी हो चुकी है।

अब मनरेगा के कार्यों में कोई गड़बड़ी न होने पाए, इसके लिए लाइव निगरानी की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए हर ब्लाक में बनाए गए कंप्यूटर सेंटर से रोज सूचनाएं अपडेट होंगी और जिले से लेकर राज्य स्तर तक के अधिकारी मानीटरिंग कर सकेंगे। फिलहाल मार्च माह में प्रशिक्षण पूरा होगा और नए वित्तीय वर्ष से नई व्यवस्था लागू होगी।

मनरेगा के निगरानी के लिए लाइव व्यवस्था की दो दिवसीय प्रशिक्षण लखनऊ मेें होगा। 6 व 7 मार्च को मनरेगा के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। राज्य स्तर पर होने वाले प्रशिक्षण में हर ब्लाक से एक-एक तकनीकी सहायकों को प्रशिक्षण मिलेगा।
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16 तकनीकी सहायकों के साथ ही जिले से एक जिला समन्वयक, एक सहायक अभियंता, एक जिला स्तर के एपीओ, एक ब्लाक स्तर के एपीओ और एक बीडीओ को प्रशिक्षण दिया जाना है। जिले से 21 अफसरों को प्रशिक्षित किया जाएगा। जो बाद में जिले से लेकर गांव स्तर तक कार्मिकों को प्रशिक्षित कर नई व्यवस्था को लागू करेंगे।

मनरेगा के तहत नई व्यवस्था का प्रशिक्षण तय हुआ है। अधिकारियों को इसके लिए निर्देशित किया जा रहा है। जिससे वे प्रशिक्षण के लिए समय से पहुंच जाएं।
आशीष कुमार, सीडीओ
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