सम्पत्तियों की ऑनलाइन रजिस्ट्री से भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुश
गोंडा। सरकार की ओर से सम्पत्तियों की अब आनलाइन रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू कराने की व्यवस्था की है। नयी पद्धति से सम्पत्तियों की रजिस्ट्री किये जाने से लोगों का समय तो बचेगा ही भ्रष्टाचार पर भी अंकु श लगेगा। शासन ने इसके लिए नेशनल लैंड रिकार्ड मैनेजमेण्ट प्रोग्राम (एनएलआरएमपी) लांच किया है।
इस व्यवस्था को एनआईसी के प्रेरणा 3.0 नाम का साफ्टवेयर डेवलेप किया जाएगा। जिले के सभी रजिस्ट्रार कार्यालयों को इससे जोड़ा जाएगा। आनलाइन रजिस्ट्री के मामले को इसी साफ्टवेयर पर अपलोड किया जाएगा।
जल्द ही जिले में इस पर अमल शुरू हो जाएगा। सम्पत्तियों का बैनामा लेखकों को भी अब नयी तकनीकि को अपनाना होगा। ऐसा न करने वालों की दुकान बन्द हो जाएगी। अधिकारियों ने नयी तकनीकि को लागू किये जाने का खाका बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।
लोगों का समय बचेगा भागदौड़ मिलेगी निजात
गोंडा। आन लाइन रजिस्ट्री पद्धति से लोगों को राहत मिलेगी। इस कार्य में सिर्फ लोगों को आनलाइन व्यौरा देने में कुछ ही मिनट का समय लगेगा। इसके बाद रजिस्ट्रार के सामने हस्ताक्षर अंगूठा,फोटोग्राफी व बयान में 20 से 30 मिनट का वक्त लगेगा।
जबकि मैनुअल दस्तावेज लिखाने में क्रेता व विक्रेता का पूरा दिन का समय नष्ट हो जाता है। इस तरह से रजिस्ट्री में लोगों को कई दिन का दौड लगाना पढ़ता है। लेकिन आनलाइन रजिस्ट्री होने से लोगों को सिर्फ एक बार कार्यालय आना होगा इसके बाद सारी प्रक्रिया लोगों को आनलाइन दिखेगी। यही नही दाखिल खारिज भी आनलाइन की जा सकेगी। सम्पत्तियों का दाखिल खारिज हो जाने के बाद आनलाइन खतौनी भी दिखेगी।
ऑनलाइन रजिस्ट्री प्रक्रिया से भ्रष्टाचार पर लगेगी रोक
गोंडा । आनलाइन रजिस्ट्री प्रक्रिया को गणमान्य जन बेहतर मान रहे हैं। लेकिन उनका कहना है कि जो व्यवस्था है उसकी मूल भावना को सख्ती से लागू किया जाए। तभी लोगों को लाभ मिल सकेगा।
वरिष्ठ अधिवक्ता हरिश चन्द तिवारी का कहना है कि आनलाइन प्रक्रिया से भ्रष्टाचार पर रोक लग सकेगी। अधिवक्ता प्रशान्त सिंह का कहना है कि आनलाइन पद्धति से लोगों को शोषण से निजात दिलाएगी। समय भी कम लगेगा। समाज सेवी यशोदा नन्दन त्रिपाठी का कहना है कि इस व्यवस्था से लोग फ्राड नही कर सकेंगे। बशर्ते इसे प्रशासन इमानदारी से लागू कराए।
सम्पत्तियों के आनलाइन रजिस्ट्री प्रक्रिया से लोगों को आसानी होगी। इससे कहीं भी लोगों का किसी तरह से शोषण नही हो सकेगा। लोगों को दौड़भाग नही करनी पड़ेगा। रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदशता आएगी। गलत बैनामा होने वाली शिकायतें भी खत्म हो जाएंगी। इस प्रक्रिया में अभी थोड़ा वक्त लगेगा,तकनीकि पहलुओं को दुरूस्त करने के बाद शुरू किया जा सकेगा। ’
- रत्नाकर मिश्रा, एडीएम