दीवानी न्यायालय परिसर में मामलों का निस्तारण कराते लोग। -संंवाद
गोंडा। राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को एक लाख 41 हजार 950 वादों का निस्तारण किया गया। न्यायिक अधिकारियों ने 8,777 वादों का निस्तारण कर 15 लाख 89 हजार 645 रुपये जुर्माना वसूल किया। अन्य विभागों द्वारा प्री लिटीगेशन के एक लाख 32 हजार 339 मामलों का निस्तारण कर 11 करोड़ 41 लाख 26 हजार 438 रुपये की समझौता राशि तय की गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दानिश हसनैन ने बताया कि शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन जिला जज अनीता राज ने किया। जिला जज ने 13, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सुनील कुमार ने 21 व मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी ने 50 वाद वादों का निस्तारण कर दो करोड़ 41 लाख 95 हजार 838 रुपये की प्रतिकर राशि तय की। प्रथम अपर जिला राजेश कुमार तृतीय ने चार, विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट सर्वजीत कुमार सिंह ने 147, तृतीय अपर जिला जज सूर्यप्रकाश सिंह ने चार और प्रथम अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय हरेंद्र कुमार ओझा ने 15 वादों का निस्तारण किया।
सीजेएम नेहा रूंगटा ने 3,500 वादों का निस्तारण कर 8.36 लाख रुपये अर्थदंड वसूल किया। सिविल जज (सीनियर डिवीजन) अमित सिंह द्वितीय ने 16 वाद निस्तारित कर 74.87 लाख रुपये का उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी किया। एसीजेएम रेलवे अभिनव यादव ने 352 वाद निस्तारित कर 1.41 लाख रुपये, एसीजेएम प्रथम अपेक्षा सिंह ने 1,207 वाद निस्तारित कर 1.82 लाख रुपये जुर्माना वसूल किया।
अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) अंकिता सिंह ने एक हजार, सिविल जज सीनियर डिवीजन एफटीसी नवीन सिद्धार्थ वर्मा ने 406, सिविल जज जूनियर डिवीजन अनन्या शाह ने 11 वाद निस्तारित कर 8.78 लाख रुपये का उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी किया। इसी तरह प्रकार सभी न्यायिक अधिकारियों ने 6777 मामलों का निस्तारण कर 15 लाख 69 हजार 645 रुपये अर्थदंड वसूल किया। जिले के सभी विभागों द्वारा प्री लिटीगेशन के एक लाख 33 हजार 173 वादों का निस्तारण करते हुए 11 करोड़ 41 लाख 26 हजार 438 रुपये समझौता राशि तय की। इस मौके पर बैंक, भारत संचार निगम के अधिकारी, अधिवक्ता आदि उपस्थित रहे।