गोंडा। सुरक्षित मातृत्व दिवस अभियान के तहत बृहस्पतिवार को गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व देखभाल (एएनसी) की गई। इसमें खून की कमी व अन्य कारणों से होने वाली हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) वाली गर्भवतियों को चिह्नित किया गया। ऐसी महिलाओं को अपने स्वास्थ्य की विशेष निगरानी व सतर्कता बरतने का सुझाव दिया गया।
जिला महिला अस्पताल समेत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सुरक्षित मातृत्व दिवस अभियान के तहत विशेष जांच शिविरों का आयोजन किया गया। जिला महिला अस्पताल में 56 गर्भवतियों की प्रसव पूर्व देखभाल के तहत जरूरी जांच की गई। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सौम्या चौबे ने बताया कि 14 महिलाओं में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पुष्टि हुई। शिविर में महिलाओं को परिवार नियोजन सहित स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. सुषमा सिन्हा ने बताया कि मातृ एवं शिशु मृत्युदर कम करने, गर्भवती की बेहतर स्वास्थ्य देखभाल, प्रसव पूर्व जांच एवं उन्हें समय पर उचित इलाज मुहैया कराने के लिए सुरक्षित मातृत्व दिवस का आयोजन किया जाता है। एनएचएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक अमरनाथ ने बताया कि सभी 16 सीएचसी पर सुरक्षित मातृत्व दिवस अभियान का आयोजन किया गया।