गोंडा। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान में गुरुवार को जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक समेत जिले के 1360 फ्रंट लाइन वर्करों ने टीका लगवाया। टीकाकरण के लिए नौ अस्पतालों में 3010 फ्रंट लाइन वर्कर को चयनित किया गया था। इसके लिए 24 सत्र आयोजित किये गए।
जिला चिकित्सालय स्थित कोविड अस्पताल में गुरुवार की सुबह जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही व पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडेय टीका लगवाने के लिए पहुंचे। जिलाधिकारी ने कोरोना टीकाकरण के प्रोटोकॉल का जायजा लेते हुए वेटिंग एरिया, टीकाकरण कक्ष व निगरानी कक्ष का निरीक्षण किया।
इसके बाद डीएम व एसपी ने कोविशील्ड वैक्सीन लगवाई तथा तीस मिनट निगरानी कक्ष में बैठकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से टीकाकरण के प्रगति के बारे में जानकारी ली। टीकाकरण के दौरान जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. घनश्याम सिंह, डॉ. दीपक कुमार, अस्पताल मैनेजर रविकांत शुक्ल आदि उपस्थित रहे। वहीं जिले के नौ अस्पतालों में आयोजित 24 टीकाकरण सत्र में 1360 फ्रंट लाइन वर्करों को वैक्सीन लगाई गई।
59 पटरी व्यवसायियों की हुई कोरोना जांच
कोरोना संक्रमण को जड़ से खत्म करने के लिए टीकाकरण के साथ ही कोरोना जांच किए जाने पर जोर दिया जा रहा है। विभिन्न व्यवसाय वर्गों से जुड़े लोगों के साथ ही पब्लिक सर्विस में कार्यरत लोगों की कोरोना जांच के लिए समय सारणी तैयार की गई है। गुरुवार को शहर में सड़क की पटरी पर दुकान लगाने वाले लोगों की कोरोना जांच की गई।
नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट के पर्यवेक्षक हर्षवर्धन सिंह ने बताया कि 59 पटरी व्यवसायियों का एंटीजन टेस्ट किया गया। इसमें 12 व्यवसायियों की रिपोर्ट संदिग्ध मिलने पर उनके सैंपल लेकर आरटीपीसीआर जांच के लिए भेजा गया है। शुक्रवार को रिक्शा, ई-रिक्शा व टैंपो चालकों की कोरोना जांच की जाएगी।