महिला चिकित्सकों ने सीखे आत्मरक्षा के गुर
गोंडा। स्थानीय आईएमए हाल गोंडा में महिला डॉक्टर्स विंग द्वारा आत्मरक्षा के कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें गोंडा जनपद की करीब 20 महिला डॉक्टरों को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का ज्ञान किया गया।
सड़क पर होने वाले घटनाएं जैसे चैन स्नैचिंग, बैक अटैक, फ्रंट अटैक ,हथियार से अटैक, से बचने के साथ साथ जीवन शैली में छोटे-छोटे उपायों को अपनाकर ताइक्वांडो के माध्यम से अपनी आत्मरक्षा कैसे की जा सकती है उक्त कार्यशाला में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी प्रत्यूष राज ने महिला डॉक्टरों ने आत्मरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी।
उनके द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दिया साथ साथ उन्होंने समस्त महिला डॉक्टरों को फिजिकल प्रैक्टिस, डिफेंस प्रैक्टिस, पंच प्रैक्टिस, फिजिकल प्रैक्टिस भी कराया अच्छा प्रदर्शन करने वाले महिला डॉक्टरों को सम्मानित भी किया गया ।
शिविर में डॉ. रेनू, डॉक्टर कुसुम ,डॉ मीना ,डॉ उषा अग्रवाल ,डॉ आभा ,डॉ अंजू डॉक्टर ज्योत्स्ना, डॉ. रघिनी, डॉ स्मिता, डॉ रंजना ,डॉ. रजनी ,डॉ. महा कीर्ति , डॉ. साधना आदि शामिल रही उक्त शिविर में ताइक्वोंडो प्रशिक्षक प्रत्यूष राज के सहयोग में गौरव उपाध्याय, श्रद्धा, महिमा, युवराज ,पीयूष का सहयोग रहा।
कार्यक्रम के समापन में प्रशिक्षक प्रत्यूष राज ने बताया कि ऐसे निशुल्क शिविरों का आयोजन निरंतर किया जाएगा जिससे समाज में आत्मरक्षा की भावना बलवती होती रहे और महिलाएं सुरक्षित व आत्मनिर्भर बन सकें