यूपी बोर्ड के 10 हजार विद्यार्थियों ने छोड़ी हिंदी की परीक्षा
गोंडा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाओं में सख्ती का असर दिखने लगा है। इस बार कम परीक्षा केंद्र बनाए जाने का भी असर देखने को मिला।
मंगलवार को पहली पाली में हिंदी विषय की और इंटरमीडिएट के सामान्य आधारित विषय की परीक्षा थी। इंटरमीडिएट के हिंदी विषय की परीक्षा थी। पहली पाली में हाईस्कूल हिंदी विषय की परीक्षा में नामांकित 48219 परीक्षार्थियों में 6740 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी है।
इंटरमीडिएट के सामान्य आधारित विषय में 449 परीक्षार्थियों में 16 ने परीक्षा छोड़ दी है। दोनों पालियों में मिलाकर करीब 10 हजार परीक्षार्थियों के परीक्षा छोड़ने की सूचना है।
जिले के 136 परीक्षा केन्द्रों पर चल रही परीक्षा के दोनों पालियों में 85 हजार परीक्षार्थी नामांकित हैं और पहले पाली में ही 6740 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दिया।
दूसरी पाली में इंटरमीडिएट के 36781 के करीब परीक्षार्थियों में तीन हजार से अधिक परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी है। फिलहाल देर रात तक उत्तर पुस्तिकाओं के जमा होने से दूसरी पाली के परीक्षार्थियों के परीक्षा छोड़ने की संख्या स्पष्ट नही हो पाई है।
लेकिन माना जा रहा है हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के करीब 10 हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा से ही किनारा कस लिया है। हिंदी की परीक्षा छोड़ने के कारण अब ये परीक्षार्थी अन्य विषयों में भी गैर हाजिर ही रहेंगे। दोनो पालियों की परीक्षाओं के दौरान 136 केन्द्रों पर सीसीटीवी व वायस रिकार्डर सक्रिय है, इससे नकल की कोई गुंजाइश नही रही।
हिंदी का परीक्षा होने के बाद भी कई केन्द्रों पर परीक्षार्थी हाथ पर हाथ धरे बैठे मिले। सचल दल के प्रभारी व राजकीय हाईस्कूल के प्रधानाचार्य सीबी सिंह ने बताया कि उन्होंने करीब एक दर्जन परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया और वहां के परीक्षार्थियों की गतिविधियों को भी देखा।
काफी संख्या में बच्चे लिख नही पा रहे थे। हाथ पर हाथ धरे बैठे थे। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि कालेजों में पढ़ाई के लिए गंभीर प्रयास नही हुए हैं। वैसे जो जानकर थे उन्होंने सवालों को हल करने में कोई कमी नही रखी है।
परीक्षा केंद्रों पर सन्नाटा छाया रहा और बाहर अभिभावक तो रहे लेकिन 100 मीटर दायरे के बाहर ही रहे। पहली बार कहीं कोई न तो शोरशराबा रहा और न ही कोई दबाव दिखा।
कॉलेज के लोगों का भी कहना है कि परीक्षा के दौरान बड़ा सुकून रहा। कहीं से कोई नकल के लिए दबाव नही बनाया गया। अधिकारियों की सक्रियता से भी कोई दिक्कत नही रही।
नकल रोकने के आदेश की आंड में परीक्षार्थियों को परेशान करने से कुछ केन्द्र बाज नही आए। मानो वे अपनी खीझ मिटा रहे थे। शासन ने नकल रोकने के साथ ही यह भी सख्त निर्देश दिया था कि किसी भी परीक्षार्थी को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
इसके बावजूद कई केन्द्रों पर परीक्षार्थियों के जूते उतरवा दिए गए। स्थिति यह रही कि मौसम सर्द होने से परीक्षार्थियों को जूता निकालने से दिक्कत आई। फिलहाल अधिकारियों की जानकारी में आने के बाद समस्या दूर करा दी गई।
परीक्षा शांतिपूर्ण और नकलविहीन हो रही है। सीसीटीवी कैमरों से हर पल पर नजर रखी जा रही है। इससे अपने आप नकल रुक गई है। परीक्षा पर पूरी नजर है और शिकायतों के मिलने पर तत्काल कार्रवाई की गई है। फिलहाल परीक्षा बेहतर ढंग से हो रही है।
अपून कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक