चौकीदार व चपरासी करा रहे बोर्ड परीक्षा
गोंडा। वित्तविहीन स्कूलों के शिक्षकों के परीक्षा बहिष्कार ने माध्यमिक शिक्षा विभाग की मुसीबत बढ़ा दी है। कक्ष निरीक्षकों की कमी से दूसरे दिन ही परीक्षा प्रभावित हो गई। कई सेंटरों पर केंद्र व्यवस्थापक कक्ष निरीक्षक की कमी की समस्या से जूझते नजर आए।
वजीरगंज के सहिबापुर स्थित स्कूल में कक्ष निरीक्षक के न आने पर स्कूल के चौकीदार व चपरासी को कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी पर लगा दिया गया और जैसे तैसे परीक्षा कराई गई। इस अव्यवस्था ने परीक्षा की सुचिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दो दिनों में हाईस्कूल व इंटर के 26923 छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी है।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए कुल 167 स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इन केंद्रों पर करीब दस हजार शिक्षकों की ड्यूटी केंद्र व्यवस्थापक व कक्ष निरीक्षक के रूप में लगाई गई है।
शासन के निर्देशों के मुताबिक प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक केंद्र व्यवस्थापक के साथ एक अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक की तैनाती की जानी है। परीक्षा कक्षों में भी दो कक्ष निरीक्षक लगाए जाने हैं। कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी पर लगाए गए शिक्षकों में बड़ी संख्या वित्तविहीन स्कूलों के शिक्षकों की है।
मगर वित्तविहीन शिक्षकों ने अपने मानदेय भुगतान के आदेश की बहाली न होने तक परीक्षा के बहिष्कार का एलान कर रखा है और ड्यूटी करने से इंकार कर दिया है। शिक्षकों के परीक्षा बहिष्कार ने विभाग की मुसीबत बढ़ा दी है। परीक्षा के दूसरे दिन बुधवार को इस बहिष्कार का असर परीक्षा केंद्रों पर साफ नजर आया।
शिक्षकों के न आने से अधिकतर परीक्षा केंद्रों पर एक कक्ष निरीक्षक के भरोसे ही परीक्षा कराई गई। वजीरगंज के सहिबापुर स्थित बालिका इंटर कॉलेज में तो कक्ष निरीक्षक के रूप में तैनात किए गए शिक्षकों के न पहुंचने से परीक्षा केंद्र व्यवस्थापक ने स्कूल के चौकीदार व चपरासी को कक्ष निरीक्षक बना दिया और जैसे तैसे परीक्षा को पूरा कराया।
केंद्र व्यवस्थापक अजय सिंह ने बताया कि स्कूल में 542 बच्चों की परीक्षा कराई जा रही है। बुधवार को हाईस्कूल के हिंदी के पेपर के दौरान छह कमरों में कक्ष निरीक्षक नही थे। इस पर चौकीदार और चपरासी को ड्यूटी पर लगाकर परीक्षा कराई गई।
अतिरिक्त केन्द्र व्यवस्थापक रामकेश व स्टेटिक मजिस्ट्रेट शिवाकांत पाण्डेय तथा विकास पाठक ने बताया कि कक्ष निरीक्षकों की कमी की सूचना उच्चधिकारियों को भेजी गई है। मोतीगंज के बेसहूपुर स्थित भवानी प्रसाद शुक्ल स्मारक इंटर कॉलेज में भी बुधवार को शिक्षक ड्यूटी के लिए नही पहुंचे।
केंद्र व्यवस्थापक सुनील शुक्ला ने डीआईओएस को पत्र भेजकर कक्ष निरीक्षकों की व्यवस्था कराए जाने की मांग की है। मंगुरा बाजार स्थित दयानंद शिक्षण संस्थान के केंद्र व्यवस्थापक संतोष पांडेय ने भी क क्ष निरीक्षक की व्यवस्था कराए जाने की मांग की है।
जिला विद्यालय निरीक्षक सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि चौकीदार व चपरासी के भरोसे परीक्षा कराए जाने की जानकारी नहीं है। फिलहाल कक्ष निरीक्षकों की कमी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
हाईस्कूल में 14522 इंटरमीडिएट में 6401 परीक्षार्थियों ने छोड़ी परीक्षा
गोंडा। यूपी बोर्ड की परीक्षा में शासन की सख्ती का असर दूसरे दिन भी नजर आया। पहले ही दिन डिप्टी सीएम की छापेमारी व परीक्षा कक्षों में लगे सीसीटीवी कैमरे की निगरानी ने नकल माफिया के हौसले पस्त कर दिए हैं।
परीक्षा के दूसरे दिन हाईस्कूल में 14522 व इंटरमीडिएट के 6401 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। बुधवार को हाईस्कूल में पंजीकृत 49501 परीक्षार्थियों के सापेक्ष 35279 परीक्षार्थी ही परीक्षा केंद्र पहुंचे और परीक्षा दी। कड़ी निगरानी के बीच चल रही परीक्षा में पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए सचल दल की टीमें भ्रमणशील रहकर केंद्रों की निगरानी करती रहीं।
इंटर की परीक्षा में नकल करते पकड़ी गई छात्रा
गोंडा। बोर्ड परीक्षा के पहले दिन दूसरी पाली में इंटरमीडिएट के हिंदी की परीक्षा में एक छात्रा नकल करती हुई पकड़ी गई। केंद्र व्यवस्थापक ने छात्रा के खिलाफ परसपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
डीआईओएस सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि परसपुर के बेनी माधव इंटर कॉलेज में दूसरी पाल की परीक्षा में छात्रा दीपा को परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों का प्रयोग करते हुए पकड़ा गया। इस पर केंद्र व्यवस्थापक दिनेश कुमार सिंह ने छात्रा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। थानाध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
परिषदीय स्कूलों को परीक्षा ड्यूटी से हटाने की मांग
गोंडा। बोर्ड परीक्षा में परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी कक्ष निरीक्षक के रुप में लगाए जाने पर शिक्षक संघ ने आपत्ति जताई है। बुधवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने इस संबंध में बीएसए से मुलाकात की और उन्हे ज्ञापन सौंपकर परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को परीक्षा ड्यूटी से हटाए जाने की मांग की।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष आनंद त्रिपाठी का कहना है कि बिना कोई मानक निर्धारित किए परिषदीय स्कूलों की ड्यूटी बोर्ड परीक्षा में लगा दी गई है। इससे स्कूलों का शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।
परीक्षा में सहयोग करें शिक्षक वरना कार्रवाई
गोंडा। कक्ष निरीक्षकों की समस्या से परेशान जिला विद्यालय निरीक्षक सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने बुधवार को सभी अशासकीय सहायता प्राप्त, वित्तविहीन व राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी कर परीक्षा ड्यूटी में लगाए गए शिक्षकों को कार्यमुक्त करने का निर्देश दिया है।
डीआईओएस ने कहा है कि अगर शिक्षकों को कार्यमुक्त नहीं किया गया है तो उन्हें तत्काल कार्यमुक्त कर दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर कक्ष निरीक्षकों की कमी से परीक्षा बाधित होती है तो संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्य के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।