गोंडा। आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना गरीबों व जरूरतमंदों के लिए वरदान साबित हो रही है। अब तक जिले के 13201 मरीजों ने आयुष्मान भारत योजना के तहत विभिन्न बीमारियों का नि:शुल्क इलाज करवाया है।
जिसके इलाज पर करीब 7 करोड़ 84 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को निशुल्क इलाज दिए जाने के लिए जिले के 19 सरकारी व 8 निजी अस्पतालों समेत कुल 27 अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लाभार्थियों को मिलने वाले गोल्डन कार्ड बनाने का अभियान तेज किया जा रहा है। अस्पतालों के साथ ब्लाकों व न्याय पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर गोल्डन कार्य बनाये जाने का अभियान चलाया जा रहा है।
आयुष्मान भारत योजना के जिला सूचना प्रबंधक अंकित श्रीवास्तव ने बताया कि अभी तक गोल्डन कार्ड बनाने की व्यवस्था आरोग्य मित्र व सीएससी संचालकों के पास थी।
लेकिन अभियान में तेजी लाने के लिए यूटीआई संस्था के माध्यम से कैंप लगाकर गोल्डन कार्ड बनाने की व्यवस्था की गई है। मार्च महीने के अंत तक करीब दो लाख लोगों को गोल्डन कार्ड मुहैया कराने का लक्ष्य रखा गया है।
वहीं प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थियों की सूची गांवों में एएनएम, आशा बहू, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के साथ कोटेदारों के पास उपलब्ध रहेगी। गांव स्तर के ये कार्यकर्ता लोगों को गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित करेंगे। वहीं अगर आवश्यकता पड़ती है तो गांवों में कैंप भी लगवा सकते हैं।
किडनी के मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगी डायलिसिस कराने में दिक्कत होती थी। आयुष्मान योजना उनके लिए वरदान साबित हुई है। अब तक जिले के 8000 मरीजों ने गोल्डन कार्ड के तहत डायलिसिस करवाया।
वहीं 50 मरीजों ने आंख का ऑपरेशन करवाया तथा 125 महिलाओं का बच्चेदानी का ऑपरेशन किया गया। आयुष्मान भारत के जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ संदीप ने बताया कि अस्पतालों में मरीजों की सुविधा के लिए आरोग्य मित्र की नियुक्ति की गई है। यदि किसी मरीज का सूची में नाम होने के बावजूद कार्ड नहीं बना है तो वह अस्पताल आकर आरोग्य मित्र से कार्ड बनावा सकता है।